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महाराष्ट्र: राज्यपाल कोश्यारी को हाईकोर्ट के नोटिस से राहत, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Tue, 08 Dec 2020 03:40 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 08 Dec 2020 03:40 PM IST
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Supreme Court Stays Contempt Proceedings Against Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : facebook.com/bsKoshyari

सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गई है, जो उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट से जारी कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की सहमति से कोश्यिारी को राहत मिल गई है। 

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सरकारी बंगले का किराया नहीं भरने का मामला
दरसअल हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में कोश्यारी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान आवंटित सरकारी बंगले का किराया कथित तौर पर नहीं भरने के कारण उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी। इस के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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उत्तराखंड सरकार को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति केएम जोसफ और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया तथा इस मामले को इसी मुद्दे पर लंबित अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। राज्य सरकार की ओर से मौजूद अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार कर लिया।

पोखरियाल के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लग चुकी

इससे पहले, 26 अक्तूबर को शीर्ष अदालत ने केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल के खिलाफ शुरू हुई अवमानना कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। दरअसल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा सरकारी आवास के किराए का भुगतान नहीं करने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के पिछले साल के आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं करने के मामले में पोखरियाल के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई थी।

कोश्यारी ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्थगन लगाने की अपनी याचिका में दलील दी थी कि वह महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत उन्हें ऐसी किसी भी कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष तीन मई को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आदेश दिया था कि पद से हटने के बाद वे जितनी अवधि तक सरकारी आवास में रहे हैं, उसका बाजार के मुताबिक किराया अदा करना होगा।

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