महिलाओं के हाजी अली में प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे, फैसले की होगी समीक्षा
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मुंबई के हाजी अली दरगाह पर महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी हटाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी है। यह रोक 17 अक्टूबर तक रहेगी। मालूम हो कि दरगाह पर महिलाओं के प्रवेश पर तो रोक लगा दी थी लेकिन सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने का समय देते हुए आदेश के प्रभावी बनाने पर रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को हुई संक्षिप्त सुनवाई के दौरान कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ऐसा पक्ष लेगी जो प्रगतिशील होगा। मालूम हो कि हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने ही हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।
शुक्रवार को ट्रस्ट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मणयम के आग्रह पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक के लिए टाल दी। पीठ ने कहा कि तब तक हाईकोर्ट के आदेश पर रोक जारी रहेगी। वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मणयम ने पीठ को भरोसा दिलाया कि इस बारे में प्रगतिशील तरीकेसे विचार किया जाएगा।
समस्या सिर्फ मुस्लिमों में नहीं है बल्कि हिन्दुओं में भी है
पीठ ने कहा कि अगर किसी एक प्वाइंट तक अगर पुरुष और महिलाओं, दोनों को जाने की इजाजत नहीं दी जाती है तब कोई परेशानी नहीं है लेकिन अगर एक को एक प्वाइंट से अधिक जाने की इजाजत दी जाती हैं लेकिन दूसरों को नहीं, तब परेशानी है।
चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट की दूसरी पीठ के समक्ष इसी तरह के लंबित मामले (सबरीमाला मंदिर) का जिक्र करते हुए कहा कि समस्या सिर्फ मुस्लिमों में नहीं है बल्कि हिन्दुओं में भी है। पीठ ने यह भी इशारा किया कि हाजी अली दरगाह और सबरीमाला मंदिर मामले को एक साथ सुना जा सकता है।