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ईवीएम-वीवीपैट मामले पर विपक्ष के 21 दलों को सुप्रीम कोर्ट से झटका

Wed, 08 May 2019 02:15 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Wed, 08 May 2019 02:15 AM IST
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Supreme Court shock 21 parties of opposition on EVM-VVPat case
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से मुखातिब विपक्षी नेता।

सुप्रीम कोर्ट ने 21 विपक्षी दलों को झटका देते हुए लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी ईवीएम का वीवीपैट से मिलान करने की मांग को खारिज कर दिया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने वीवीपैट के औचक मिलान को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि हम अपने पूर्व आदेश में बदलाव नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने इससे पहले प्रत्येक विधानसभा के पांच बूथों की ईवीएम का वीवीपैट से मिलान करने फैसला दिया था।

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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि कम से कम 33 या 25 फीसदी वीवीपैट का मिलान ईवीएम से किया जाना चाहिए। फिलहाल यह महज दो फीसदी है। संतुष्टि और भरोसा बढ़ाने के लिए ऐसा किया जाना चाहिए। लेकिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी कि आखिर एक ही मामले को हम कितनी बार सुनें। 
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इस पर सिंघवी ने कहा कि अगर चुनाव आयोग पांच बूथों पर कोई गड़बड़ी पाता है तो क्या होगा? इसको लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह पुनर्विचार याचिका है, हम खुली अदालत में आपको सुनने के लिए बाध्य नहीं हैं। 

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