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रोहतक सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को भेजा नोटिस
Thu, 04 Jul 2019 07:10 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 04 Jul 2019 07:10 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
हरियाणा के रोहतक में मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के सभी सात दोषियों की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस भी भेजा है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के चुनौती देने वाली दोषियों की याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लेते हुए हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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निचली अदालत ने इन सभी सात दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी थी। जिसके बाद दोषियों ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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मामले के मुताबिक, फरवरी, 2015 को मानसिक रूप से बीमार 28 वर्षीय महिला केसाथ आठ लोगों ने गैंगरेप के वारदात को अंजाम दिया। इसकेबाद महिला की हत्या भी कर दी। इनमें से एक आरोपी ने बाद में आत्महत्या कर ली थी।
अक्टूबर, 2015 में निचली अदालत ने सात आरोपियों पदम, पवन, सरवर, मानवीर, राजेश, सुनील और सुनील उर्फ शीला को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसकेबाद हाईकोर्ट ने इस अपराध को क्रूरता की परकाष्ठा बताते हुए इनकी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी।