सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के लिए स्थायी निदेशक नियुक्त करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
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भारत के मुख्य न्यायाधीश की चयन समिति द्वारा नियमित केंद्रीय जांच ब्यूरो की नियुक्ति की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार के दिन केंद्र को एक नोटिस जारी किया।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट्ट की पीठ ने गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऋषि कुमार शुक्ला का कार्यकाल दो फरवरी को समाप्त होने के बाद सरकार दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (डीएसपीई) अधिनियम की धारा 4ए के तहत सीबीआई के लिए स्थाई निदेशक की नियुक्ति करने में नाकाम रही है।
Supreme Court issues notice to the Centre on a plea seeking appointment of a regular Central Bureau of Investigation Director by the Selection Committee of Chief Justice of India, Prime Minister and Leader of Opposition (LoP) as per law. Matter posted for hearing after 2 weeks
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— ANI (@ANI) March 12, 2021
याचिका में कहा गया है कि इसके बजाय सरकार ने प्रवीण सिन्हा की नियुक्ति एजेंसी के अंतरिम निदेशक के तौर पर की है। पीठ ने अपने आदेश में कहा,‘हम नोटिस जारी कर रहे हैं। हम इस पर दो सप्ताह बाद विचार करेंगे।’
एनजीओ की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि इससे सीबीआई के कामकाज पर असर पड़ रहा है और न्यायालय इस पर अगले सप्ताह विचार कर सकती है। इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि अगले सप्ताह यह पीठ उपलब्ध नहीं होगी क्योंकि यह मराठा आरक्षण के मुद्दे को देखेगी, इसलिए मामले को दो सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।
भूषण ने कहा कि न्यायालय उनसे (केंद्र ) कम से कम चयन समिति की बैठक आयोजित करने को कह सकता है। इस पर पीठ ने कहा, ‘हम उनकी बात सुनेंगे। हम नोटिस जारी कर रहे हैं।’ याचिका में केंद्र को यह भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह सीबीआई के निदेशक के चयन की प्रक्रिया पद के खाली होने से एक या दो माह पूर्व ही शुरू कर दे और उसे पूरी कर ले।