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Online Gambling: ऑनलाइन जुए-सट्टेबाजी पर देशभर में बैन की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Thu, 23 Oct 2025 12:47 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: लव गौर Updated Thu, 23 Oct 2025 12:47 AM IST
सार

Online Gambling: सुप्रीम कोर्ट ने सोशल और ई-स्पोर्ट्स गेम्स की आड़ में कथित तौर पर संचालित होने वाले ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर केंद्र से मदद मांगी है। यह जनहित याचिका ‘सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टमिक चेंज’ नामक थिंक टैंक ने दायर की है।
 

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Supreme Court seeks Centre's response on nationwide ban on online gambling and betting
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील से कहा कि वह जनहित याचिका की एक प्रति केंद्र सरकार के वकील को सौंपें।
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पीठ ने शुक्रवार को पारित आदेश में कहा, हम वीसी भारती से अनुरोध करते हैं कि वे याचिका पर गौर करें और अगली सुनवाई में हमारी सहायता करें। पीठ ने मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने को भी कहा।
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शीर्ष अदालत थिंक टैंक सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टमिक चेंज (CASC) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र को सोशल और ई-स्पोर्ट्स गेम्स की आड़ में कथित तौर पर संचालित होने वाले ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
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याचिका में यह भी कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एनपीसीआई और यूपीआई प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए जाएं कि वे अवैध और गैर पंजीकृत गेमिंग एप्स से जुड़े लेन-देन पर रोक लगाएं। सीएएससी ने यह भी आरोप लगाया है कि विदेशों से संचालित कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं और लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के बकाया करों का भुगतान नहीं किया है। इसके लिए याचिका में इंटरपोल, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की गई है।

इस याचिका में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना एवं प्रसारण, वित्त और युवा मामले एवं खेल मंत्रालयों को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के प्रावधानों और राज्य विधानसभाओं द्वारा सामाजिक और ई-स्पोर्ट्स खेलों की आड़ में चल रहे ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी के खेलों पर रोक लगाने के लिए बनाए गए कानूनों की सामंजस्यपूर्ण व्याख्या करने का निर्देश देने की माँग की गई है।


यह अधिनियम ऑनलाइन मनी गेम्स से जुड़ी हानिकारक प्रथाओं पर रोक लगाते हुए सुरक्षित डिजिटल मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करता है। याचिका में छह प्रतिवादियों के नाम हैं, जिनमें चार केंद्रीय मंत्रालय और दो प्रमुख ऐप स्टोर संचालक, एप्पल इंक. और गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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