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अपील पर सुनवाई में वर्षों की देरी सिस्टम की नाकामी: सुप्रीम कोर्ट

Tue, 05 Nov 2019 05:04 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 05 Nov 2019 05:04 AM IST
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Supreme court says this is system failure for years on appeal hearing
सांकेतिक तस्वीर

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि यह हमारे सिस्टम की नाकामी है कि आरोपियों को अपने मामले के अंतिम रूप से निपटारे के लिए 20-25 वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, यह अहम और मूल मसला है। ऐसे मामले हमें सोचने को मजबूर करते हैं। यह चिंता का विषय है।

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हम अग्निशमन की तरह काम कर रहे हैं। ऐसे कई आरोपी 20-25 वर्ष से जेल में हैं जो बरी भी हो सकते हैं। अगर इतने वर्ष बाद वे बरी होते भी हैं तो उसका क्या जो उन्होंने झेला है।
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पीठ ने यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा एक जमानत अर्जी खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने पीठ को बताया कि निकट भविष्य में उनकी अपील पर सुनवाई के आसार नहीं हैं। ऐसी स्थिति में आरोपियों को इतने समय जेल में रखना न्यायोचित नहीं है।
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इस पर पीठ ने माना कि इलाहाबाद हाईकोर्ट 25 वर्ष पुरानी अपील पर सुनवाई कर रहा है। पीठ ने कहा, हम क्या कर सकते हैं, यही सच है। हाईकोर्ट बहुत पुराने अपील पर सुनवाई कर रहा है, लेकिन क्या इस आधार पर आरोपियों को रिहा कर सकते हैं कि अपील वर्षों से लंबित है? हम यह भी नहीं कर सकते।


पीठ ने खुद से सवाल किया कि अपील पर उचित समय पर निपटारा न होने की संभावना के बावजूद आखिर आरोपियों को जमानत के लिए वर्षों तक जेल में क्यों रहना चाहिए? पीठ ने इस मसले पर कामत को सुझाव देने के लिए कहा है। साथ ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील आरएस सोढ़ी को इस मामले में अदालत की मदद करने के लिए कहा है।

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