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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court says there is no justification for the government to hold the Lokpal Act in abeyance

लोकपाल की नियुक्ति को ठंडे बस्ते में डालने का कोई कारण नहींः SC

Thu, 27 Apr 2017 11:34 AM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार Updated Thu, 27 Apr 2017 11:34 AM IST
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Supreme Court says there is no justification for the government to hold the Lokpal Act in abeyance
सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

लोकपाल की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि लोकपाल की नियुक्ति को ठंडे बस्ते में डालने का कोई कारण नजर नहीं आता है। यह मौजूदा परिस्थितियों में भी काम कर सकता है। 

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इससे पहले केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मौजूदा समय में लोकपाल की नियुक्ति करना संभव नहीं है। दरअसल, शीर्ष न्यायालय लोकपाल मामले की नियुक्ति को लेकर एक एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर सुनवाई पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
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सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि वर्तमान समय में लोकसभा में विपक्ष का नेता कोई नहीं है। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मानने से इनकार कर दिया है। ऐसी स्थिति में लोकपाल की नियुक्ति संभव नहीं है। 


हालांकि रोहतगी ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में बजट सरकार की प्रथामिकता थी, लोकपाल बिल संभवत : मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील शांति भूषण सरकार के इस तर्क से असहमत थे।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत तैयार किए गए संशोधित नियमों के अनुसार लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में एनजीओ ने याचिका डाली थी। हालांकि कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

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