फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court says insurance claim can be denied if vehicle driven whithout valid registration news in Hindi

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: वैध पंजीकरण के बिना वाहन चलाने पर रद्द किया जा सकता है बीमा का दावा

Thu, 30 Sep 2021 06:50 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 30 Sep 2021 06:50 PM IST
सार

वाहन चोरी के एक मामले में बीमा के दावे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर वाहन का वैध पंजीकरण नहीं है तो उसका बीमा का दावा खारिज किया जा सकता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

विज्ञापन
Supreme Court says insurance claim can be denied if vehicle driven whithout valid registration news in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर किसी वाहन का वैध पंजीकरण नहीं है तो इसके लिए बीमा के दावे को खारिज किया जा सकता है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कार चोरी के एक मामले में बीमा के दावे को रद्द कर दिया। इस कार का अस्थायी पंजीकरण था। न्यायाधीश यूयू ललित ने कहा कि पॉलिसी के नियमों और शर्तों का मौलिक उल्लंघन होने पर बीमा राशि का दावा खारिज कर दिया जाएगा।

विज्ञापन


मामले की सुनवाई कर रही पीठ में न्यायाधीश एस रवींद्र और बेला एम त्रिवेदी भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि अहम बात यह है कि इस कानून के बारे में न्यायालय की राय यह है कि अगर ऐसी कोई घटना होती है जिसे लेकर बीमा का दावा किया जा सकता है तो यह दावा करने पर बीमा के अनुबंध में निहित शर्तों का कोई मौलिक उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अदालत यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेशन कॉरोपोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
विज्ञापन


यह याचिका राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के एक आदेश के खिलाफ दाखिल की गई थी। इसमें आयोग ने बीकानेर में राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सर्किट बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली कंपनी की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी थी। मामले के अनुसार, सुशील कुमार गोदारा ने पंजाब में अपनी बोलेरो के लिए बीमाकर्ता से एक बीमा पॉलिसी ली थी, हालांकि वह राजस्थान के श्री गंगानगर का निवासी था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस वाहन की बीमा राशि 6.17 लाख रुपये थी और इसका अस्थायी पंजीकरण 19 जुलाई 2011 को समाप्त हो गया था। शिकायतकर्ता एक निजी ठेकेदार है और व्यापार के सिलसिले में उसे अक्सर शहर से बाहर रहना पड़ता है। वह 28 जुलाई 2011 को  जोधपुर गया था और रात में एक गेस्ट हाउस में रुका था। यहां पर उसने कार गेस्ट हाउस परिसर के बाहर खड़ी की थी। सुबह जब वह उठा तो उसने देखा कि उसकी कार चोरी हो चुकी है।


इसे लेकर उसने जोधपुर में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, 30 नवंबर, 2011 को पुलिस ने एक अंतिम रिपोर्ट दर्ज की थी जिसमें कहा गया था कि वाहन का पता नहीं चल रहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि चोरी की तारीख तक वाहन बिना वैध पंजीकरण के चलाया जा रहा था। यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 और 192 का स्पष्ट उल्लंघन है। पीठ ने कहा कि ऐसे में एनसीडीआरसी के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed