फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court says illegal admission in medical course through private counseling

सुप्रीम कोर्ट: निजी काउंसिलिंग से मेडिकल कोर्स में दाखिल अवैध

Sat, 21 Aug 2021 02:49 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 21 Aug 2021 02:49 AM IST
सार

  • शीर्ष अदालत ने खारिज की 67 छात्रों की याचिका, सहारनपुर का है मामला
  • सुप्रीम कोर्ट की पिछले दरवाजे से प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कोई सहानुभूति नहीं 

विज्ञापन
Supreme Court says illegal admission in medical course through private counseling
supreme court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजी काउंसिलिंग के माध्यम से मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिला देना अवैध है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि पिछले दरवाजे से प्रवेश करने वाले छात्रों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती है।

विज्ञापन


इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने सहारनपुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के 2016-17 सत्र में दाखिला लेने वाले एमबीबीएस छात्रों की तरफ से दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि मेडिकल पाठ्यक्रम में निजी काउंसिलिंग के माध्यम से किए जाने वाले प्रवेश को कुछ और नहीं बल्कि अवैध ही कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि याची छात्रों की दलील थी कि ग्लोकल मेडिकल कॉलेज की तरफ से आयोजित काउंसिलिंग के माध्यम से उनका दाखिला हुआ था और उन्होंने प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। लेकिन इसका विरोध करते हुए एमसीआई और उत्तर प्रदेश सरकार ने दलील दी थी कि इन छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिया गया था। यह दाखिला ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और छात्रों के बीच मिलीभगत का परिणाम है।

शीर्ष अदालत ने सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें नीट 2016 के आधार पर राज्य में एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सभी संस्थानों के लिए केंद्रीय काउंसिलिंग की प्रक्रिया तय की गई थी।

हालांकि अल्पसंख्यक संस्थानों को कुछ विशेष समुदाय के छात्रों को सीधे प्रवेश देने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अधिसूचना से साफ है कि दाखिला केंद्रीयकृत काउंसिलिंग के आधार पर होगा। यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।

यह था पूरा मामला
दरअसल 67 छात्रों को नीट-2016 पास करने के बाद 2016-17 सत्र के लिए प्रोफेशनल एमबीबीएस कोर्स के प्रथम वर्ष में ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ने निजी काउंसिलिंग के जरिये प्रवेश दिया था। प्रवेश प्रक्रिया को गलत बताते हुए 67 मेडिकल छात्रों को अब भंग की जा चुकी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने डिस्चार्ज करने का आदेश दिया था।

कॉलेज ने दी थी आदेश को चुनौती
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज, ग्लोकल यूनिवर्सिटी और अब्दुल वहीब एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने भी एमसीआई के आदेश को स्पेशल लीव पिटिशन के जरिये सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 20 जुलाई को यह याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद इन 67 छात्रों ने शीर्ष अदालत में याचिका खारिज करने के आदेश की समीक्षा करने की गुहार लगाई थी।

क्या कहा अदालत ने
यद्यपि हमारी सारी सहानुभूति छात्रों के साथ है। लेकिन हम ऐसे प्रवेश को बचाने के लिए कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं, जो साफतौर पर अवैध तरीके से किए गए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट

तय तारीख पर ही होगा नीट
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) अपने तय समय पर यानी 12 सितंबर को ही आयोजित होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) नीट की तारीख में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं करेगा।


एनटीए अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों के तहत नीट- 2021 का देशभर में आयोजन किया जाएगा। वहीं, सीबीएसई प्राइवेट बोर्ड परीक्षार्थियों ने नीट की डेट में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें बोर्ड परीक्षा और नीट की की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि दोनों परीक्षाओं का शेड्यूल एक साथ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed