फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court says cancellation of examination due to systemic fraud is Justify

प्रणालीगत धोखाधड़ी होने पर परीक्षा रद्द करना ही न्यायोचित : सुप्रीम कोर्ट

Thu, 04 Mar 2021 07:30 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 04 Mar 2021 07:30 AM IST
सार

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, चयन में भारी प्रतिस्पर्धा होती है और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में ऐसे भी लोग होते है जो अनुचित तरीके से छलांग हासिल करने का प्रयास करते हैं।

विज्ञापन
Supreme Court says cancellation of examination due to systemic fraud is Justify
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यदि सार्वजनिक रोजगार में भर्ती प्रणालीगत धोखाधड़ी या अनियमितताओं के परिणामस्वरूप हुई हो तो पूरी प्रक्रिया नाजायज हो जाती है। ऐसे में परीक्षाओं को रद्द करना ही उचित है।

विज्ञापन


जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अपने एक फैसले में कहा है कि आवश्यकता इस बात की है कि एक सार्वजनिक निकाय को निष्पक्ष तरीके से चयन की पूरी प्रक्रिया को अंजाम देना चाहिए। पीठ ने कहा है, 'सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती के लिए जनता का विश्वास हासिल करना चाहिए। जिन लोगों की नियुक्ति की जाती है उनका उद्देश्य सरकार से जुड़े सार्वजनिक कार्यों को पूरा करना है। जब चयन की पूरी प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण पाई जाए तो उसका रद्द करना ही उचित है। निस्संदेह परीक्षा रद्द होने से उन लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ता है जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया हो।'
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने 15 मार्च, 2016 को दिल्ली सरकार के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें हेड क्लर्क के पद पर भर्ती के लिए आयोजित टियर -1 और टियर -2 परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के निर्णय को दरकिनार कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने कहा है कि अनियमितता एक विशिष्ट समूह की ओर से किए अनुचित व्यवहार तक सीमित नहीं थी। बल्कि समिति की रिपोर्ट में एक प्रणालीगत कमियों की बात कही गई है। मसलन, एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी जारी न करना, एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र से संबंधित उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग आदि। जो भर्ती की पूरी प्रक्रिया की वैधता पर संदेह खड़ा करता है।


अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद 14 और 16 में निहित संवैधानिक मूल्यों के तहत सार्वजनिक प्राधिकारियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रियाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। हालांकि, कई बार मानव पतनशीलता और झगड़े चयन प्रक्रियओं में घुस जाते हैं। चयन में भारी प्रतिस्पर्धा होती है और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में ऐसे भी लोग होते है जो अनुचित तरीके से छलांग हासिल करने का प्रयास करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed