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पति की जागीर नहीं पत्नी, साथ रहने को नहीं कर सकते मजबूर: सुप्रीम कोर्ट

Sun, 08 Apr 2018 07:13 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली 
एजेंसी, नई दिल्ली  Updated Sun, 08 Apr 2018 07:13 PM IST
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supreme court said wife  is not an object can not force her to stay with you

पत्नी पति की जागीर या कोई वस्तु नहीं है। शनिवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साथ रहने के लिए पति पत्नी से जबर्दस्ती नहीं कर सकता। 

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी. लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पति से पूछा, ‘वह आपके साथ नहीं रहना चाहती, तो आप कैसे कह सकते हो कि आप उसके साथ रहेंगे?’ महिला ने पति के खिलाफ क्रूरता का आरोप लगाते हुए आपराधिक मामला दर्ज कराया है। 
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पीठ ने कोर्टरूम में मौजूद पति से कहा कि आप इतने नासमझ कैसे हो सकते हो। आप पत्नी से जागीर जैसा व्यवहार कर रहे हो। वह कोई वस्तु नहीं है। पीठ ने पति से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। इस पर पति के वकील ने कहा कि वह उसे मनाने की कोशिश करेंगे। 
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कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को तय की है। इस बीच पत्नी की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह 498ए के तहत दर्ज मामला वापस लेने को तैयार है और जुल्म के आधार पर तलाक चाहती है। साथ ही वह पति से किसी तरह का गुजारा भत्ता भी नहीं चाहती। कोर्ट ने मामला मध्यस्थ प्रक्रिया के लिए सौंप दिया। 

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