‘काला’ फिल्म रिलीज के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पब्लिक चाहती है तो हम कैसे रोकें
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दक्षिण के सुपरस्टार अभिनेता रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ के रिलीज होने की आखिरी अड़चन भी हट गई है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है।जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने फिल्म निर्माता केएस राजशेखरन की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उसने दावा किया था कि फिल्म की कहानी, गाने और दृश्य उनका है।
सुनवाई के दौरान राजशेखरन की ओर से पेश वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि याचिकाकर्ता का फिल्म की कहानी पर कॉपीराइट है। निर्माता ने फिल्म बनाने से पहले उनसे पूर्व अनुमति नहीं ली। इस पर पीठ ने कहा कि आप फिल्म की रिलीज पर रोक लगाना चाहते हैं जबकि सभी लोग उस फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पीठ ने कहा, फिल्म को रिलीज होने दिया जाए। आखिर हम इसे कैसे रोक सकते हैं।
26 साल पहले कॉपीराइट का दावा
राजशेखरन ने अपनी याचिका में कहा था कि वर्ष 1992 में उन्होंने फिल्म ‘कारिकलन’ की कहानी के कॉपीराइट के पंजीकरण का आवेदन किया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि फिल्म की स्क्रिप्ट एक समारोह के दौरान रजनीकांत के भाई समेत कई लोगों के सामने पढ़ी गई थी।
उन्होंने कहा कि वे हमेशा से रजनीकांत को ही लेकर ये फिल्म बनाना चाहते थे और उन्होंने कारिकलन के नाम से टाइटल भी 1994 में पंजीकृत करा लिया था। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उनकी कहानी, गाने और दृश्य का इस्तेमाल फिल्म काला में बिना उसकी इजाजत के किया गया है।
रजनीकांत के दामाद ने किया है निर्माण
इस फिल्म का निर्माण रजनीकांत के दामाद व फिल्म अभिनेता धनुष ने और निर्देशन पीए रंजीत ने किया है। विवाद के चलते दो बार पहले भी इसकी रिलीज टल गई थी। राजशेखरन के वकील ने मद्रास हाईकोर्ट का 16 मई का आदेश सुप्रीम कोर्ट में पेश किया, जिसमें मूवी की रिलीज पर सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की गई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रिलीज रोकने से इंकार कर दिया।