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SC: सिर्फ तारीखें बढ़वा रहा अभियोजन पक्ष, सुप्रीम कोर्ट का दो साल से लंबित जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार
Tue, 13 Dec 2022 10:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 13 Dec 2022 10:34 PM IST
सार
पीठ जीवन मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मंडल ने याचिका में कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर है, क्योंकि हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर करने पर 9 दिसंबर, 2020 को नोटिस जारी किया गया था। इस मामले का फैसला दो साल से नहीं हुआ।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में दो साल से अधिक समय से लंबित जमानत अर्जी पर सुनवाई करने से मंगलवार को मना कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, हाईकोर्ट इस मामले में इसलिए फैसला नहीं ले पा रहा है क्योंकि अभियोजन पक्ष बार बार तारीखें आगे बढ़वा रहा है।
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जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एएस ओका की पीठ ने कहा, हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के तहत 2020 में दर्ज मामले की इस जमानत अर्जी में 11 नवंबर को अंतिम आदेश जारी किया था। इसमें जमानत अर्जी पर विचार करने के लिए ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को पेश करने का निर्देश दिया गया था। पीठ ने कहा, हमें लगता है कि हाईकोर्ट को लंबित मामलों से कैसे निपटना है यह बताना हमारा काम नहीं है। जमानत आदेश एक अपील की तरह नहीं है कि जमानत पर विचार करने से पहले ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड पूरी तरह से देखा जाए।
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पीठ जीवन मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मंडल ने याचिका में कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर है, क्योंकि हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर करने पर 9 दिसंबर, 2020 को नोटिस जारी किया गया था। इस मामले का फैसला दो साल से नहीं हुआ।
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