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Supreme Court: 'एक एफआईआर से जुड़ी सभी जमानत याचिकाएं एक ही पीठ सुने'; सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Fri, 07 Feb 2025 06:41 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 07 Feb 2025 06:41 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक ही एफआईआर से जुड़े सभी जमानत आवेदनों को उच्च न्यायालय में एक ही न्यायाधीश या पीठ के समक्ष रखा जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि सभी जमानत आवेदनों को एक ही न्यायाधीश के पास भेजने पर फैसलों में समानता बनी रहेगी।

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Supreme Court Said All bail pleas from same FIR to go before same HC bench News In Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही एफआईआर से जुड़े सभी जमानत आवेदनों को उच्च न्यायालय में एक ही न्यायाधीश या पीठ के समक्ष रखा जाना चाहिए। इससे जमानत मामलों में विचारों में एकरूपता सुनिश्चित होगी। मामले में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी आर गवई और के विनोद चंद्रन की पीठ ने जुलाई 2023 में शीर्ष अदालत के तीन न्यायाधीशों की पीठ के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि एक ही एफआईआर से उत्पन्न सभी मामलों को एक ही न्यायाधीश के पास भेजना उचित है। 
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फैसलों में समानता के लिए कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक ही एफआईआर से संबंधित सभी जमानत आवेदनों को एक ही न्यायाधीश के पास भेजा जाना चाहिए ताकि फैसलों में समानता बनी रहे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर एक ही एफआईआर से जुड़े मामलों में अलग-अलग न्यायाधीशों के पास जमानत आवेदन होते हैं, तो बाद में मामले की सुनवाई करने वाला न्यायाधीश पहले के फैसलों को उचित महत्व दे सकता है।
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बता दें कि यह आदेश झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित एक जमानत याचिका पर पारित किया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि उनकी जमानत याचिका को उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के पास रखा गया था, जबकि सह-आरोपी के मामले पर दूसरे न्यायाधीश ने फैसला दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने इस माना असामान्य स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने इसे असामान्य स्थिति मानते हुए कहा कि इससे अलग-अलग दृष्टिकोण आ सकते हैं। साथ ही कोर्ट ने उम्मीद जताई कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पहले के फैसलों को ध्यान में रखेंगे, खासकर जब जमानत मामलों में रोस्टर प्रणाली का पालन किया जाता है और न्यायाधीशों की नियुक्ति बदलती रहती है।

शिर्ष कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि बाद में दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों को पहले के न्यायाधीशों द्वारा लिए गए विचारों को ध्यान में रखना चाहिए। साथ ही मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश पारित करते हुए शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार को आदेश की एक प्रति सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को भेजने का निर्देश दिया।
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