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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट का एमसीडी को निर्देश, कहा- बड़े कचरा उत्पादकों के लिए चलाएं जागरूकता अभियान

Tue, 08 Apr 2025 09:35 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 08 Apr 2025 09:35 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एमसीडी को निर्देश दिया कि बड़े कचरा उत्पादक रोजाना बड़ी मात्रा में ठोस कचरा पैदा करते हैं।एमसीडी को पारंपरिक, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में विज्ञापन देकर उनको प्रशिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

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Supreme Court's instructions to MCD, said- run awareness campaign for big garbage producers
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एमसीडी को बड़े कचरा उत्पादकों को प्रशिक्षित करने के लिए मीडिया में विज्ञापनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू करना चाहिए। 

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जस्टिस अभय एस ओका और उज्जवल भुइयां की पीठ ने कहा कि बड़े कचरा उत्पादक रोजाना बड़ी मात्रा में ठोस कचरा पैदा करते हैं। हम एमसीडी को पारंपरिक, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में विज्ञापन देकर 2016 के नियम चार के तहत विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्देश देते हैं। एमसीडी को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम 2016 के नियम 4 के कार्यान्वयन पर जोर देने की जरूरत है।
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इस नियम के मुताबिक घरेलू और संस्थागत कचरा उत्पादकों का कर्तव्य है कि वे कचरे को बायोडिग्रेडेबल, गैर-बायोडिग्रेडेबल और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग करें। पीठ ने आदेश में कहा कि एमसीडी 311 एप पर शिकायत दर्ज करना संभव है। इस तथ्य का व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए कि नागरिक एप पर तस्वीरें अपलोड करके नियम 4 के तहत कचरा उत्पादकों कर्तव्यों के उल्लंघन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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एमसीडी ने पीठ को बताया कि नगर निगम की सीमा के भीतर पहचाने गए 3,059 थोक अपशिष्ट जनरेटरों में से 1,449 एमसीडी 311 एप पर पंजीकृत थे। एमसीडी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि 12 टास्क फोर्स बनाए गए और 9.9 लाख रुपये के 2,011 चालान जारी किए गए।

उन्होंने कहा कि 2016 के नियमों को लागू करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ 431 बैठकें आयोजित की गईं। एमसीडी ने सभी 12 क्षेत्रों में नगरपालिका के ठोस कचरे के संग्रह और परिवहन का काम आउटसोर्स एजेंसी को सौंप दिया है। काम की निगरानी के लिए, वाहनों की ट्रैकिंग में आसानी और बायो-माइनिंग (ईएसबीएम) पोर्टल विकसित किया गया है। एमसीडी ने सभी 250 वार्डों में प्राथमिक संग्रह वाहनों के मार्ग अनुकूलन और ठहराव बिंदुओं को लागू किया है।

उन्होंने कहा कि एमसीडी ने गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर कचरा अलग के बारे में जागरूकता फैलाई है। 5,756 कचरा बीनने वालों को पंजीकृत किया गया है और उन्हें पहचान पत्र और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ दिया गया है। 

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