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Supreme Court: सीजेआई बोले, सुप्रीम कोर्ट के फैसले चार क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे
Wed, 25 Jan 2023 05:56 AM IST
Amit Mandal
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 25 Jan 2023 05:56 AM IST
सार
जस्टिस चंद्रचूड़ ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन ई-निरीक्षण सॉफ्टवेयर का उद्घाटन करते हुए कहा कि कानूनी प्रणाली में प्रौद्योगिकी शक्तिशाली उपकरण बन गई है।
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CJI DY Chandrachud (file photo)
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को कहा कि शीर्ष अदालत के निर्णयों का अब चार भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। इनमें हिंदी, गुजराती, उड़िया और तमिल भाषा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभी सभी फैसले अंग्रेजी में होते हैं इसलिए 99.9 प्रतिशत नागरिक समझ नहीं पाते।
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जस्टिस चंद्रचूड़ ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन ई-निरीक्षण सॉफ्टवेयर का उद्घाटन करते हुए कहा कि कानूनी प्रणाली में प्रौद्योगिकी शक्तिशाली उपकरण बन गई है। इससे न्याय प्रशासन की दक्षता, पहुंच व सटीकता में सुधार हुआ है। सीजेआई ने कहा, कानून या प्रौद्योगिकी में किसी भी पहल व नवाचार की सफलता हितधारकों के साथ सहयोग करने की क्षमता और उन लोगों से महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया शामिल करने पर निर्भर करती है जो इसका उपयोग करेंगे। एजेंसी
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हाईकोर्ट रहा है अग्रणी
सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये अदालतों के आधुनिकीकरण में दिल्ली हाईकोर्ट अग्रणी रहा है। देश का पहला कागजरहित ई-कोर्ट 2009 में दिल्ली में ही स्थापित किया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट की सभी अदालतें अब ई-कोर्ट के रूप में काम कर सकती हैं और समय-समय पर भौतिक सुनवाई के अलावा अपनी अदालती कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संचालित कर रही हैं।
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अदालत की कार्यवाही के लाइव स्ट्रीमिंग, रिकॉर्डिंग नियम अधिसूचित
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने अधिक पारदर्शिता, समावेशिता प्रदान करने और न्याय तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय, 2022 की अदालती कार्यवाही के लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग नियमों को अधिसूचित किया है। अधिसूचना में कहा गया है कि नियम दिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम, 1966 और संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत शक्तियों के प्रयोग में उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली के उपराज्यपाल की पूर्व स्वीकृति के साथ तैयार किए गए है।
13 जनवरी को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद नियमों को अधिसूचित और लागू किया गया। वे उच्च न्यायालय और उन न्यायालयों और न्यायाधिकरणों पर लागू होंगे जिन पर उच्च न्यायालय का पर्यवेक्षी अधिकारक्षेत्र है। लाइव स्ट्रीमिंग या लाइव स्ट्रीम की परिभाषा समावेशी है और इसमें लाइव टेलीविज़न लिंक, वेबकास्ट, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ऑडियो-वीडियो प्रसारण या अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं जिनके माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन नियमों के तहत अनुमत कार्यवाही को देख सकता है। ब्यूरो