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Supreme Court: AMU के अल्पसंख्यक दर्जे पर 'सुप्रीम' फैसला सुरक्षित; लगातार आठ दिन सुनी गईं दलीलें

Fri, 02 Feb 2024 03:17 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 02 Feb 2024 03:17 AM IST
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Supreme Court reserves verdict on minority status of AMU know all details
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : सोशल मीडिया

बीते कई दिनों से लगातार चली बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की पीठ इस मामले में बीते आठ दिनों से लगातार सुनवाई कर रही थी। इस दौरान अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं।

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बृहस्पतिवार को एएमयू (याचिकाकर्ता पक्ष) के वकील ने अपनी दलीलें रखी। पीठ के सामने मुद्दा यह है कि क्या एएमयू संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक दर्जे का हकदार है? संविधान पीठ के समक्ष दलीलों का दौर आठ दिनों तक चला। इस मामले में शामिल कानून के प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत एक शैक्षणिक संस्थान को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मापदंडों से संबंधित हैं और क्या संसदीय कानून द्वारा स्थापित केंद्रीय वित्त पोषित विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान नामित किया जा सकता है?
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डीयू-केंद्रीय विवि से अधिक अनुदान एएमयू को मिलने का दावा
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमें एक बात चिंतित कर रही है कि 1981 का संशोधन उस स्थिति को बहाल नहीं करता, जो 1951 से पहले थीं। गुरुवार को सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अल्पसंख्यक दर्जा देने के पक्ष में कहा कि 180 सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल में से केवल 37 सदस्य ही मुल्सिम हैं। मुस्लिम अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में इसकी साख पर असर नहीं पड़ता है। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सहित अन्य अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि एक विवि को केंद्र से भारी धन मिलता है। विवि को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है। इस वजह से विवि को विशेष धार्मिक संप्रदाय से संबंधित होने का दावा नहीं किया जा सकता। वहीं, एक वकील ने दावा किया कि एएमयू को 2019 से 2023 के बीच केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं, जो केंद्रीय विद्यालयों और दिल्ली विश्वविद्यालय को मिले अनुदान से लगभग दोगुना है।

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