Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने दो महिला न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी के खिलाफ फैसला रखा सुरक्षित
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के दो महिला न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी से संबंधित मामले में मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने बर्खास्त महिला न्यायिक अधिकारियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह और आर बसंत के अलावा न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल की दलीलें सुनीं। यह देखते हुए कि न्यायाधीशों को एक संन्यासी की तरह जीवन जीना पड़ता है और कर्मठशील होकर काम करना पड़ता है, शीर्ष अदालत ने पहले कहा था कि उन्हें सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचना चाहिए और निर्णयों के बारे में कोई राय व्यक्त नहीं करनी चाहिए।
11 नवंबर, 2023 को शीर्ष अदालत ने असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण राज्य सरकार की ओर से छह महिला सिविल न्यायाधीशों की बर्खास्तगी का स्वत: संज्ञान लिया था। हालांकि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एक पूर्ण अदालत ने 1 अगस्त को अपने पहले के प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया और चार अधिकारियों, अर्थात ज्योति वरकड़े, सोनाक्षी जोशी, प्रिया शर्मा और रचना अतुलकर जोशी को कुछ शर्तों के साथ बहाल करने का फैसला किया, जबकि अन्य दो अदिति कुमार शर्मा और सरिता चौधरी को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया। शीर्ष अदालत उन न्यायाधीशों के मामलों पर विचार कर रही थी, जो क्रमशः 2018 और 2017 में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे।