अब चिदंबरम को ईडी कर सकती है गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया मनी लांड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत नहीं देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली चिदंबरम की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा, 'प्रारंभिक चरण में अग्रिम जमानत देने से जांच पर विपरीत असर पड़ सकता है। यह अग्रिम जमानत देने के लिए सही केस नहीं है। आर्थिक अपराध अलग-अलग स्तर पर हैं और इसे अलग दृष्टिकोण के साथ निपटाना चाहिए। जांच एजेंसी को मामले की छानबीन करने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।'
Supreme Court says, “Granting anticipatory bail at the initial stage may frustrate the investigation....It’s not a fit case to grant anticipatory bail. Economic offences stand at different footing and it has to be dealt with different approach." https://t.co/L3j8ET8a6i
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 5, 2019
अदालत ने कहा कि चिदंबरम नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष नियमित जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जमानत याचिका खारिज होने से आज ईडी अदालत में आवेदन करके चिदंबरम की हिरासत मांग सकती है। जिसके बाद कांग्रेस नेता को जांच एजेंसी की हिरासत में भेजा जा सकता है। फिलहाल वह सीबीआई की हिरासत में है। जिसकी गुरुवार को अवधि खत्म हो रही है।
आज दिन में राउज एवेन्यू अदालत में इस मामले में सुनवाई होनी है। सीबीआई कह चुकी है कि उन्हें जेल भेज दिया जाए लेकिन अदालत का कहना है कि राउज एवेन्यू अदामत में सुनवाई होने तक उन्हें सीबीआई हिरासत में ही रखा जाए। इससे पहले निचली अदालत ने चिदंबरम की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याचिका ली वापस
याचिका खारिज होने के बाद चिदंबरम ने सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में निचली अदालत के गैर जमानती वारंट, हिरासत संबंधी आदेशों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है। उनके वकील एएम सिंघवी ने न्यायालय को बताया कि हमने बिना शर्त याचिका वापस लेने का निर्णय किया है।उच्चतम न्यायालय चिदंबरम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले में निचली अदालत द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर भी आदेश पारित कर सकता था।
दिल्ली की एक निचली अदालत ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सीबीआई हिरासत की अवधि दो और दिन के लिए बढ़ा दी थी। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि वह पांच सितंबर तक हिरासत में रहेंगे।
चिदंबरम की सीबीआई हिरासत की एक दिन की अवधि पूरी होने पर उन्हें विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ की अदालत में पेश किया गया था। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और चिदंबरम के वकील ने न्यायाधीश को बताया कि उच्चतम न्यायालय ने दिन में एक आदेश दिया है कि वह (चिदंबरम) पांच सितम्बर तक सीबीआई हिरासत में रहेंगे।