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Supreme Court: राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग खारिज; ईडी को जारी किया नोटिस
Fri, 21 Jul 2023 11:50 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:50 PM IST
सार
पीठ ने कहा कि 'प्रतिवादी (सरकार) के वकील ने कन्हैया लाल सेठिया मामले में दिए फैसले को रिकॉर्ड पर रखा है...हम उनके दृष्टिकोण से सहमत हैं और इस याचिका को खारिज करते हैं।'
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट, केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वह राजस्थानी भाषा को आधिकारिक भाषाओं वाली संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि यह विधायिका के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आता है और विधायिका ही इस पर कोई कदम उठा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करने की बताई वजह
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पूर्व में दिए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 'ऐसे मुद्दों पर सरकार और अन्य उपयुक्त संवैधानिक प्राधिकारियों को रिट जारी नहीं की जा सकती।' पीठ ने कहा कि 'प्रतिवादी (सरकार) के वकील ने कन्हैया लाल सेठिया मामले में दिए फैसले को रिकॉर्ड पर रखा है...हम उनके दृष्टिकोण से सहमत हैं और इस याचिका को खारिज करते हैं।'
बता दें कि राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग वाली याचिका एक वकील रिपुदमन सिंह ने दायर की थी। पीठ ने कहा कि किसी अन्य भाषा को शामिल करने संबंधी सवाल का जवाब सरकार ही दे सकती है।
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ये भी पढ़ें- Modi Surname Case: राहुल की याचिका पर अब चार अगस्त को सुनवाई; गुजरात सरकार व अन्य को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
आठवीं अनुसूची में शामिल हैं 22 भाषाएं
बता दें कि संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है। जिनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलगु, ऊर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली और डोंगरी शामिल है। शुरुआत में आठवीं अनुसूची में 14 भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया था। 1967 में 21वें संविधान संशोधन के बाद सिंधी को भी इसमें शामिल किया गया। इसके बाद 1992 में 71वें संविधान संशोधन के बाद कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषा को भी आठवीं अनुसूची में शामिल कर लिया गया। साल 2003 में 92वें संविधान संशोधन के बाद बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली को भी आठवीं अनुसूची में जगह दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी मेगाला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर 26 जुलाई को सुनवाई करेगा। सेंथिल बालाजी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिसकी ईडी द्वारा जांच की जा रही है।
शुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल डीजीपी सहित अन्य पुलिस अफसरों के खिलाफ हाइकोर्ट की अवमानना के खिलाफ शुवेंदु अधिकारी की याचिका पर विचार करने से मना कर दिया। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेपी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पाटवालिया से कहा कि इम मामले की सुनवाई नहीं कर सकते। बेंच ने कहा कि आप किसी बेहतर मामले में हमारे पास आए। अधिवक्ता पाटवालिया ने कोर्ट से याचिका वापस लेने के लिए अनुमति मांगी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करने की बताई वजह
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पूर्व में दिए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 'ऐसे मुद्दों पर सरकार और अन्य उपयुक्त संवैधानिक प्राधिकारियों को रिट जारी नहीं की जा सकती।' पीठ ने कहा कि 'प्रतिवादी (सरकार) के वकील ने कन्हैया लाल सेठिया मामले में दिए फैसले को रिकॉर्ड पर रखा है...हम उनके दृष्टिकोण से सहमत हैं और इस याचिका को खारिज करते हैं।'
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बता दें कि राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग वाली याचिका एक वकील रिपुदमन सिंह ने दायर की थी। पीठ ने कहा कि किसी अन्य भाषा को शामिल करने संबंधी सवाल का जवाब सरकार ही दे सकती है।
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आठवीं अनुसूची में शामिल हैं 22 भाषाएं
बता दें कि संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है। जिनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलगु, ऊर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली और डोंगरी शामिल है। शुरुआत में आठवीं अनुसूची में 14 भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया था। 1967 में 21वें संविधान संशोधन के बाद सिंधी को भी इसमें शामिल किया गया। इसके बाद 1992 में 71वें संविधान संशोधन के बाद कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषा को भी आठवीं अनुसूची में शामिल कर लिया गया। साल 2003 में 92वें संविधान संशोधन के बाद बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली को भी आठवीं अनुसूची में जगह दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी मेगाला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर 26 जुलाई को सुनवाई करेगा। सेंथिल बालाजी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिसकी ईडी द्वारा जांच की जा रही है।
शुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल डीजीपी सहित अन्य पुलिस अफसरों के खिलाफ हाइकोर्ट की अवमानना के खिलाफ शुवेंदु अधिकारी की याचिका पर विचार करने से मना कर दिया। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेपी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पाटवालिया से कहा कि इम मामले की सुनवाई नहीं कर सकते। बेंच ने कहा कि आप किसी बेहतर मामले में हमारे पास आए। अधिवक्ता पाटवालिया ने कोर्ट से याचिका वापस लेने के लिए अनुमति मांगी है।