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Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम को फिलहाल राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार
Fri, 03 Jul 2026 12:04 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:04 PM IST
सार
Supreme Court On Sonam's Bail: सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले पर प्रारंभिक सवाल उठाते हुए मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया। सरकार का कहना है कि केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत दी गई, जबकि हत्या का मुकदमा गंभीर है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
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सुप्रीम कोर्ट से सोनम रघुवंशी को राहत
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत ने पहली नजर में हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल भी उठाए हैं। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले पर कुछ प्रारंभिक टिप्पणियां हैं, लेकिन चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत पर रोक नहीं लगाई जा सकती। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले को "बेहद चौंकाने वाला" बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला एक सुनियोजित हत्या का है, जिसमें हनीमून पर गए राजा रघुवंशी की हत्या कर शव को गहरी खाई में फेंक दिया गया था। उनके अनुसार, इस वारदात में सोनम समेत अन्य आरोपी भी शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के बाद सोनम फरार हो गई थीं और बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई थीं। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मामले में 94 गवाह हैं और मुकदमे की सुनवाई जारी है।
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सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले को "बेहद चौंकाने वाला" बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला एक सुनियोजित हत्या का है, जिसमें हनीमून पर गए राजा रघुवंशी की हत्या कर शव को गहरी खाई में फेंक दिया गया था। उनके अनुसार, इस वारदात में सोनम समेत अन्य आरोपी भी शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के बाद सोनम फरार हो गई थीं और बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई थीं। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मामले में 94 गवाह हैं और मुकदमे की सुनवाई जारी है।
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क्या टाइपिंग की गलती जमानत का आधार बन गई?
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने केवल इस आधार पर सोनम को जमानत दी कि गिरफ्तारी दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में धारा 403 अस्तित्व में ही नहीं है और यह सिर्फ टाइपिंग की त्रुटि थी। मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी के समय आरोपी को हत्या के आरोप और गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से बताए थे। इसलिए केवल एक तकनीकी गलती के आधार पर जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।
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