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एयरसेल-मैक्सिस मामले से जुड़े फैसले में दखल से SC का इनकार

Fri, 03 Feb 2017 11:28 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Feb 2017 11:28 PM IST
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Supreme court refuses to stay order discharging maran brothers for now
मारन बंधु

एयरसेल-मैक्सिस मामले में टूजी की विशेष अदालत द्वारा पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन सहित अन्य को आरोप मुक्त किए जाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार किया है। वहीं, शीर्ष अदालत ने आरोपियों की जब्त 750 करोड़ रुपये संपत्तियों को रिलीज करने की इजाजत दे दी है।

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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगर मैक्सिस कंपनी के मालिक आनंद कृष्णन (मलेशियाई नागरिक) और उसके एक निदेशक सहित अन्य लोग विशेष अदालत द्वारा जारी समन के बावजूद पेश नहीं होंगे तो केंद्र सरकार को नीलामी का निर्देश दिया जा सकता है। एयरसेल-मैक्सिस पर बैंकों की करीब 20,000 करोड़ की देनदारी है। छह जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी को दो हफ्ते के भीतर विशेष अदालत में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वे पेश नहीं हुए।
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पीठ ने पाया कि भले ही एयरसेल-मैक्सिस मामले में आरोपियों को विशेष अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया हो, लेकिन मैक्सिस कंपनी के मालिक और अन्य के खिलाफ जारी समन का मामला अभी भी विचाराधीन है। पीठ ने कहा कि आरोपी कानून प्रक्रिया को बच रहे हैं, ऐसे में सवाल उठाता है कि क्या इस कंपनी को देश में कमाई करने का इजाजत मिलनी चाहिए। 

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आरोपियों का बेल बांड स्वीकार न करें

Supreme court refuses to stay order discharging maran brothers for now

इस मामले के विशेष अभियोजन अधिकारी आनंद ग्रोवर ने पीठ के समक्ष कहा कि विशेष अदालत को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह आरोपियों का बेल बांड स्वीकार न करें। साथ ही फैसले की अपील दाखिल किए जाने तक आरोपियों की 750 करोड़ की संपत्तियों रिलीज न की जाए, लेकिन पीठ ने कहा कि चूंकि आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया गया है लिहाजा संपत्तियों को रिलीज करने पर रोक लगाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। 

पीठ ने विशेष अभियोजन अधिकारी से सवाल किया कि वह विशेष अदालत के फैसले पर सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आ गए। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि हम दो बातें सुनिश्चित करना चाहते हैं। पहला, कोई भी व्यक्ति बैंक का कर्ज लेकर देश छोड़कर न भागे और दूसरा, कोई व्यक्ति समन की अवहेलना न करे। उन्होंने कहा कि सरकार भी कानून से भागते फिरने वाले शख्स का समर्थन नहीं करेगी।

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