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SC: पंजाब के पूर्व विधायक बैंस को मिली राहत; दुष्कर्म मामले में मिली जमानत को शीर्ष कोर्ट ने रखा बरकरार

Wed, 05 Jul 2023 06:56 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 05 Jul 2023 06:56 PM IST
सार

कथित बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले में पंजाब के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने सुनवाई की।

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Supreme Court refuses to interfere with bail granted to Punjab ex-MLA Bains in rape case news and update
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कथित बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले में पंजाब के पूर्व विधायक और लोक इंसाफ पार्टी (एलआईपी) के नेता सिमरजीत सिंह बैंस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा है। 

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कथित बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले में पंजाब के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने सुनवाई की। सुनवाई करते हुए पीठ ने कथित पीड़िता द्वारा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 25 जनवरी को राजनेता को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया।
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मामले में आदेश देते पीठ ने कहा कि 'हाई कोर्ट ने अपना दिमाग लगाया है और अपने विवेक का इस्तेमाल किया है। क्षमा करें, हम उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।'
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वहीं, इस दौरान पीठ के सामने पीड़िता का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि हाई कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज किए गए बयान पर भरोसा किया है, लेकिन तथ्य यह है कि ऐसा कोई बयान नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जमानत दिए जाने से कथित पीड़िता की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

इस पर पीठ ने कहा कि अगर पंजाब के पूर्व विधायक उन शर्तों का पालन नहीं करते हैं जिन शर्तों पर उन्हें जमानत दी गई है, तो उन्हें दी गई जमानत रद्द करने के लिए आप हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

गौरतलब है कि उनके खिलाफ 2021 में लुधियाना में मामला दर्ज किया गया था। 25 जनवरी को बैंस को जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने उन पर कुछ शर्तें लगाई थीं। वहीं, अपनी शिकायत में, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बैंस ने संपत्ति विवाद में मदद करने और उसकी अनिश्चित वित्तीय स्थिति का फायदा उठाने के बहाने अप्रैल से अक्तूबर 2020 के बीच कई मौकों पर उसके साथ बलात्कार किया।
उन्होंने बैंस उनके भाई करमजीत सिंह और परमजीत सिंह पम्मा सहित अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 354 (यौन उत्पीड़न), 354-बी (यौन उत्पीड़न), 506 (आपराधिक धमकी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत अपराध की शिकायत दर्ज की थी। 

दो जजों ने पेन्नार नदी विवाद से खुद को किया अलग
पेन्नार नदी विवाद मामले में सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायधीशों ने सुनवाई से अलग कर लिया है। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने बुधवार को इस फैसले के पीछे यह तर्क दिया है कि वे दोनों इन राज्यों से ही आते हैं। बता दें कि पेन्नार नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक राज्य के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। 

बुधवार को जैसे ही इस मामले में सुनवाई शुरू हुई दोनों न्यायाधीशों ने कहा कि वे मामले से अलग होना चाहते हैं।  क्योंकि वे इन दोनों राज्यों से आते हैं। बता दें कि जस्टिस बोपन्ना कर्नाटक से और जस्टिस सुंदरेश तमिलनाडु से हैं।

न्यायाधीशों ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर हम इस मामले की सुनवाई शुरू करते हैं तो हम विवाद पर लड़ना शुरू कर सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि मामले को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष रखा जाए, जिसमें वे शामिल नहीं हैं। 

 SC ने केरल में एलीफैंट कॉरिडोर की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल में एलीफैंट कॉरिडोर की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में मनुष्यों और हाथियों के बीच संघर्ष (एचईसी) को कम करने के लिए केरल में एलीफैंट कॉरिडोर को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित करके उनकी रक्षा करने और चावल खाने वाले हाथी को लाने सहित राहत की मांग की गई थी। 

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एक जनहित याचिका याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रियंका प्रकाश की दलीलों को सुना। साथ ही उनसे इस मुद्दे पर केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने या कानून के तहत अन्य उचित उपायों का लाभ उठाने के लिए कहा है। 

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