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स्वामी को फिर झटका, अयोध्या में पूजा करने की मांग की याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:42 AM IST
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सुब्रमण्यम स्वामी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इंकार कर दिया है। स्वामी ने अयोध्या की विवादित जमीन पर पूजा करने के आदेश जारी करने के लिए याचिका दायर की थी। इससे पहले भी मई में स्वामी पूजा के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। उस समय कोर्ट ने उन्हें जुलाई को इस मामले को कोर्ट के सामने लाने के लिए कहा था।
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भिड़े हिंदू-मुस्लिम पक्षकार
इससे पहले अयोध्या विवाद मामले को संविधान पीठ को भेजने संबंधी मांग पर हिंदू और मुस्लिम पक्षकार आमने-सामने आ गए थे। मुस्लिम पक्षकार मामले को संविधान पीठ को सौंपे जाने के पक्ष में थे, जबकि हिंदू पक्षकारों का कहना था कि यह विशुद्ध रूप से भूमि विवाद का मामला है, ऐसे में इसे बड़ी पीठ के पास भेजने का कोई औचित्य नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ के समक्ष हिंदू पक्षकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा था कि मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ कर रही है, इसलिए उसे ही सुनना चाहिए।
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मामले के राजनीतिक या धार्मिक रूप से संवेदनशील होने का मतलब यह नहीं है कि उसे बड़ी पीठ के पास भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था या प्रचलन है कि जब किसी हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाती है कि तो उस अपील पर दो सदस्यीय पीठ की बजाए तीन सदस्यीय पीठ ही सुनवाई करती है।
मुस्लिम पक्षकारों की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा था कि हमारी ओर से इस मामले में कोई भी बयान देने से खुद को अनुशासित रखा गया है जबकि हिंदू पक्ष की तरफ से ऐसा नहीं हो रहा है। बयानबाजी बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह अवमानना की तरह है। एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना बंद किया जाना चाहिए। यह संवेदनशील मामला है, ऐसे में इस मामले को लेकर कोई निर्णय लेना सही नहीं है।
Supreme Court refuses to give an urgent hearing to a plea filed by Subramanian Swamy seeking a direction to perform 'puja' at Ayodhya's disputed land.
— ANI (@ANI) July 3, 2018