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SC: ‘श्रीमान कितनी बार यह मुद्दा उठाया जाएगा’, ईवीएम-वीवीपैट सत्यापन की तत्काल सुनवाई से अदालत ने किया इनकार

Thu, 07 Sep 2023 05:09 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 07 Sep 2023 05:09 AM IST
सार

याचिकाकर्ता एनजीओ के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि इसे तत्काल सुना जाए, क्योंकि चुनाव आने वाले हैं। इस पर पीठ ने कहा, श्रीमान कितनी बार यह मुद्दा उठाया जाएगा? हर छह महीने में इस मुद्दे को नया बनाकर उठाया जाता है। इसलिए इसमें कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है।

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Supreme Court refused to urgent hearing on EVM and VVPAT verification Supreme Court news updates
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) के माध्यम से मतदाताओं की ओर से डाले गए वोटों के क्रॉस-सत्यापन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई नवंबर तक स्थगित कर दी है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी ने बुधवार को कहा, मामले में तत्काल सुने जाने जैसा कुछ नहीं है।

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याचिकाकर्ता एनजीओ के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि इसे तत्काल सुना जाए, क्योंकि चुनाव आने वाले हैं। इस पर पीठ ने कहा, श्रीमान कितनी बार यह मुद्दा उठाया जाएगा? हर छह महीने में इस मुद्दे को नया बनाकर उठाया जाता है। इसलिए इसमें कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। हम इस मामले को नवंबर में सुनेंगे। शीर्ष अदालत ने 17 जुलाई को एनजीओ की याचिका पर निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। तत्काल याचिका में, एनजीओ ने चुनाव पैनल और केंद्र को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की है कि मतदाता ईवीएम-वीवीपीएटी से यह सत्यापित कर सकें कि उनका वोट रिकॉर्ड के रूप में गिना गया है।  

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रक्त प्राप्तकर्ता को आश्वस्त करना जरूरी कि उसे चढ़ाया गया रक्त साफ है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रक्त प्राप्तकर्ता को आश्वस्त किया जाना चाहिए कि उसे जो रक्त चढ़ाया जा रहा है वह साफ है। शीर्ष अदालत ट्रांसजेंडरों, पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों और महिला यौनकर्मियों को रक्त दाताओं से बाहर करने वाले 2017 के दिशा-निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि वह याचिका पर नोटिस जारी नहीं कर रही है और इसे इस मुद्दे को उठाने वाली एक अन्य लंबित याचिका के साथ टैग कर दिया।

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शीर्ष अदालत ने मार्च 2021 में रक्त दाता चयन और रक्त दाता रेफरल के लिए 2017 के दिशा-निर्देशों को चुनौती देने वाली एक अलग याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा था, जिसमें तीन श्रेणियों के लोगों को रक्त दाता होने से बाहर रखा गया था। बुधवार को याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि कुछ श्रेणियों के लोगों को रक्तदान से बाहर करने के दिशा-निर्देशों ने उन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इस पर पीठ ने कहा कि दिशा निर्देशों में रक्त दाता चयन मानदंड में ‘जोखिम व्यवहार’ का जिक्र किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि रक्त दाता एचआईवी, हेपेटाइटिस बी या सी संक्रमण के लिए जोखिम वाला व्यक्ति नहीं होगा।


राजनीतिक नियुक्ति से पहले जजों के लिए दो साल की कूलिंग-ऑफ अवधि की मांग वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत व हाईकोर्ट के जजों की राजनीतिक नियुक्तियां स्वीकार करने से पहले दो साल की कूलिंग-ऑफ अवधि की मांग वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा, यह बकवास याचिका है और ऐसे मामले संबंधित जजों के व्यक्तिगत विवेक पर निर्भर हैं। हम किसी को चुनाव लड़ने से कैसे रोक सकते हैं?  

लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद चुनाव की अधिसूचना रद्द
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद चुनाव की पांच अगस्त को जारी अधिसूचना रद्द कर दी है। चुनाव विभाग को सात दिन के भीतर नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। चुनाव 10 सितंबर को प्रस्तावित था। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने लद्दाख की ओर से जेकेएनसी को 'हल' चिन्ह आवंटित करने के विरोध में दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया।  



जातिगत सर्वे पर तीन अक्तूबर को सुनवाई 
 सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में जाति सर्वेक्षण को हरी झंडी देने के पटना हाईकोर्ट के एक अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 3 अक्तूबर तक के लिए टाल दी। जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि मामले में एक पक्ष ने स्थगन का अनुरोध किया था। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के उसी आदेश के खिलाफ अन्य याचिकाओं के साथ एनजीओ ‘एक सोच एक प्रयास’ की याचिका को सूचीबद्ध कर दिया।  

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