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SC ने जस्टिस कर्णन को जमानत देने से किया इनकार, लाए गए कोलकाता जेल

Wed, 21 Jun 2017 06:46 PM IST
amarujala.com- Presented: अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Presented: अभिषेक तिवारी Updated Wed, 21 Jun 2017 06:46 PM IST
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Supreme Court refused to grant interim bail to Justice CS Karnan
फाइल फोटो - फोटो : PTI

अब महानगर की अति सुरक्षित प्रेसीडेंसी जेल पूर्व जस्टिस टीएस कर्णन का ठिकाना बन गई है। बीती रात तमिलनाडु के कोयंबतूर स्थित एक रिजार्ट से गिरफ्तारी के बाद उन्हें बुधवार को एअर इंडिया के विमान से यहां ले आया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में उनको जमानत देने की एक याचिका आज रद्द कर दी। चेन्नई से उनके साथ राज्य पुलिस की एक छह सदस्यीय टीम भी यहां लौटी।

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यहां प्रेसीडेंसी जेल में कर्णन के लिए एक विशेष सेल तैयार किया गया है। जेल सूत्रों ने बताया कि उनकी सुरक्षा का भी इंतजाम किया गया है ताकि दूसरे कैदी उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकें। मंगलवार देर रात कर्णन की गिरफ्तारी के बाद ही यहां प्रेसीडेंसी जेल में उनके रहने का इंतजाम कर दिया गया था।
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बुधवार को उनके वकील मैथ्यूज जे. नेडुम्परा ने सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष दायर एक याचिका में अदालत के खुलने तक जस्टिस  कर्णन को जमानत देने की अपील की थी। लेकिन न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड और एके कौल की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करने के बाद सात सदस्यीय पीठ ने आदेश पारित किया है।

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9 मई को ही SC ने जस्टिस कर्णन को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी

Supreme Court refused to grant interim bail to Justice CS Karnan
जस्टिस सीएस कर्णन

​यह आदेश इस पीठ के लिए बाध्यतामूलक है। उन्होंने कहा कि हम इस फैसले को खारिज नहीं कर सकते। खंडपीठ ने न्यायमूर्ति के वकील को यह मामला मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष उठाने को कहा।

ध्यान रहे कि अवमानना के आरोप में बीती नौ मई को ही सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। लेकिन वे उसी दिन यहां से चेन्नई जाकर भूमिगत हो गए थे।

इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में अपनी सजा स्थगित रखने की भी अपील की थी। लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। आखिर लगभग डेढ़ महीने बाद मोबाइल फोन के लोकेशन के जरिए कर्णन के कोयंबतूर में होने का पता चला। 

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