फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court refused to entertain TamilNadu governments Cauvery river issue Karnataka

कावेरी जल विवाद मामले में तमिलनाडु को झटका, SC का सुनवाई से इनकार

Tue, 21 Nov 2017 01:34 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Tue, 21 Nov 2017 01:34 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court refused to entertain TamilNadu governments Cauvery river issue Karnataka
Cauvery water issue - फोटो : social media
कावेरी जल विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की कर्नाटक से 63 टीएमसी पानी की मांग के मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


बता दें कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच का कावेरी जल विवाद पिछले साल इतना बढ़ा था कि तमिलनाडु सरकार को पानी की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा था। पिछले दिनों पानी की मांग को लेकर तमिलनाडु सरकार ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन


कोर्ट के आदेश के बावजूद कर्नाटक सरकार उसे पूरा पानी नहीं दे रही थी। इस साल एकबार फिर तमिलनाडु सरकार ने 63TMC पानी की मांगको लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन न्यायालय ने सुनवाई करने से मना कर दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

क्या है कावेरी जल विवाद

Supreme Court refused to entertain TamilNadu governments Cauvery river issue Karnataka
कावेरी जल विवाद
 कावेरी नदी का विवाद पानी को लेकर है जिसका उद्गम स्थल कर्नाटक के कोडागु जिले में है।  लगभग साढ़े सात सौ किलोमीटर लंबी ये नदी कुशालनगर, मैसूर, श्रीरंगपट्ट्नम, त्रिरुचिरापल्ली, तंजावुर और मइलादुथुरई जैसे शहरों से गुजरती हुई तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी में गिरती है। 

इसके बेसिन में कर्नाटक का 32 हजार वर्ग किलोमीटर और तमिलनाडु का 44 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका शामिल है। कर्नाटक और तमिलनाडु, दोनों ही राज्यों का कहना है कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है और इसे लेकर दशकों के उनके बीच लड़ाई जारी है। बारिश की कमी की शिकायत के साथ कर्नाटक सरकार बीच-बीच में पानी बंद करती रही है जिससे तमिलनाडु में सूखे जैसा हालात उत्पन्न हो जाता है। 

पिछले साल सितंबर में तमिलनाडु सरकार ने विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए भी रिलीज करे। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह तमिलनाडु को 10 दिनों के अंदर 15000 क्यूसेक पानी सप्लाई करे ताकि वहां के किसानों को राहत मिल सके।
 

हर राज्य इसके पानी पर अपना अधिक अधिकार चाहता है

Supreme Court refused to entertain TamilNadu governments Cauvery river issue Karnataka
कावेरी जल विवाद - फोटो : फाइल फोटो
1. कावेरी नदी मुख्य तौर पर कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में बहती है।  हर राज्य इसके पानी पर अपना अधिक अधिकार चाहता है। 
  
2 कावेरी जल विवाद करीब 100 साल पुराना है। अंग्रेजी राज में यह विवाद मद्रास प्रेसिडेंसी और मैसूर रियासत के बीच था। बाद में एक समझौता हुआ। 

3 1924 में  मद्रास और मैसूर के बीच समझौता हुआ  लेकिन बाद में केरल और पुद्दुचेरी भी इस विवाद में आ गए क्योंकि नदीं इन राज्यों से भी होकर बहती है।
 
4 -1972 में एक एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट आई। इसके आधार पर 1976 में चारों राज्यों के बीच एक समझौता हो गया। लेकिन किसी भी राज्य ने इसका पालन नहीं किया । 

5 1986 में तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से  इस विवाद के निपटारे के लिए न्यायिक आयोग बनाए जाने की मांग की। 

6- तमिलनाडु के किसानों की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आयोग बनाने का निर्देश दिया।
 
7- आखिरकार 1990 में न्यायिक आयोग बनाया गया जिसने  2007 में अपना फैसला दिया। 

 8- फैसले के बाद भी विवाद नहीं निपटा और कोई न कोई पक्ष नाराज ही रहा। 

9- मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अब कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed