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Supreme Court: रामनवमी हिंसा की एनआईए जांच का आदेश बरकार; कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले में दखल से 'सुप्रीम' इनकार

Mon, 24 Jul 2023 03:32 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 24 Jul 2023 03:32 PM IST
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Supreme Court refuse to interfere Calcutta High Court order NIA probe violence Ram Navami News Update
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल सरकार को करारा झटका लगा है। कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है, जिसमें रामनवमी के दौरान राज्य में भड़की हिंसा की एनआईए जांच के निर्देश दिए थे। फैसले को राज्य की ममता सरकार ने चुनौती दी थी।

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बंगाल सरकार ने किया था विरोध
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवीआई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायाधीश मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि हम विशेष अनुमति याचिका (स्पेशल लीव पिटिशन) पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। बंगाल सरकार ने यह कहते हुए हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किया था कि घटना में किसी की विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं हुआ और आदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की राजनीति से प्रेरित याचिका पर सुनाया गया।
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बंगाल में दो जगह रामनवमी जुलूस के दौरान भड़की थी हिंसा
इससे पहले 27 अप्रैल को हाईकोर्ट ने हावड़ा के शिबपुर और हुगली के रिशरा में रामनवमी पर आयोजित जुलूस के दौरान भड़की हिंसा की घटनाओं की एनआइए से जांच कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के सामने सुवेंदु और तीन अन्य याचिकाकर्ताओं ने यह मुद्दा उठाया था। हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया था कि वह मामले से जुड़ी सभी प्राथमिकी, जब्त सामान, डाक्यूमेंट और सीसीटीवी फुटेज एनआईए को सौंपे। इसके लिए पुलिस को आदेश की कॉपी मिलने के बाद से दो हफ्ते का समय दिया गया था।

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Abhishek Banerjee - फोटो : Social Media

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा ब्योरा, अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी से जुड़ा है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को यह बताने का निर्देश दिया कि क्या पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामलों में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया है। जस्टिस एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से इस बारे में जानकारी तब मांगी, जब वह दंपति की विदेश यात्रा की अनुमति से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

विदेश यात्रा भी एक अधिकार: कोर्ट
शीर्ष कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि विदेश यात्रा भी एक अधिकार है, जब तक कि यह मानने का कारण न हो कि आरोपी भाग जाएगा। पीठ ने कहा कि जांच लंबित है। जरूरत होने पर आप उन्हें बुला सकते हैं। आपने किस आधार पर उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। हम केवल यह जानना चाहते हैं कि क्या याचिकाकर्ताओं के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और वे विदेश में चिकित्सा उपचार के लिए जाना चाहते हैं, उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए?

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कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

बंगाल में केंद्रीय बल अगले 10 दिनों के लिए मौजूद रहेंगे: कोर्ट
इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए तैनात किए गए केंद्रीय बल अगले 10 दिनों तक यहीं मौजूद रहेंगे। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि उसके आदेश पर पंचायत चुनाव के बाद वहां मौजूद कुल 239 कंपनियों में से 136 कंपनियों को वापस बुला लिया गया है। मुख्य न्यायाधीश टी. एस. शिवज्ञानम की अगुवाई वाली खंडपीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को जहां कहीं अशांति का माहौल लग रहा है, उनकी पहचान की जाए ताकि ऐसे स्थानों पर बाकी केंद्रीय बल की तैनाती की जा सके और वे अगले 10 दिनों तक वहीं मौजूद रहेंगे।

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