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सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: वसूली करने वाले पुलिस अधिकारियों को जेल में होना चाहिए

Mon, 27 Sep 2021 10:15 PM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। 
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।  Published by: Amit Mandal Updated Mon, 27 Sep 2021 10:15 PM IST
सार

शीर्ष अदालत ने कहा, सत्ता का दुरुपयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों को सत्ता परिवर्तन के बाद परिणाम भुगतने होंगे।  
 

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Supreme Court: Police officers who make extortion should be in jail
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

वसूली का आरोप झेल रहे छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस अधिकारी गुरजिंदर पाल सिंह को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने की अनिच्छा जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि ऐसे पुलिस अधिकारी को जेल में ही होना चाहिए। हालांकि बाद में पीठ ने सिंह को मामले में संरक्षण दे दिया। 

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चीफ जस्टिस एन वी रमण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, जो पुलिस अधिकारी सरकार के साथ तालमेल बिठाते हैं और पैसा भी कमाते हैं, उन्हें सत्ता में बदलाव के बाद भुगतना ही पड़ता है। शीर्ष अदालत ने हालांकि सिंह के वकील से कहा कि उनके मुवक्किल हर मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा नहीं ले सकते। जब लोग सरकार के करीबी होने के कारण अवैध वसूली शुरू करते हैं तो चीजें गलत मोड़ लेती हैं। यह तब होता है, जब आप सरकार के करीबी होते हैं और ये काम करते हैं। कभी न कभी आपको भुगतना ही होगा।
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सुनवाई की शुरुआत में पीठ ने कहा कि वह ऐसी श्रेणी के अधिकारियों को अंतरिम संरक्षण देने का इच्छुक नहीं है। इससे पहले सिंह को दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट का संरक्षण मिल चुका है।
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एडीजी रैंक के अधिकारी सिंह ने पहले भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दायर आय से अधिक संपत्ति और देशद्रोह के मामले में सुरक्षा की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था। पीठ ने कहा, जब सरकार के साथ आपके अच्छे संबंध होते हैं तो आप कमाई करते हो। बाद में आपको ब्याज के साथ वापस भुगतान करना पड़ता है। यह देश में नया चलन है।


जब सिंह के वकील ने कहा कि उनके जैसे अधिकारियों को सुरक्षा की जरूरत है तो पीठ ने कहा, नहीं, उन्हें जेल जाना होगा। हालांकि बाद में अंतरिम संरक्षण देने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।

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