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राहत की खबर : देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे सभी प्रवासी कामगारों को ड्राई राशन देने का 'सुप्रीम' आदेश

Mon, 24 May 2021 09:35 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 24 May 2021 09:35 PM IST
सार

जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अपने आदेश में कहा है, 'प्रवासी मजदूर, चाहे वे देश के किसी भी हिस्से में ही क्यों न फंसे हो, को आत्म निर्भर योजना या केंद्र व राज्यों की किसी अन्य योजना के तहत ड्राई राशन मुहैया कराया जाए।

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Supreme Court orders All states to provide dry ration to migrants workers
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोरोना महामारी की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों को ड्राई राशन मुहैया कराने का आदेश दिया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सभी राज्यो व केंद्रशासित प्रदेशों को उन जगहों पर कम्युनिटी किचन शुरू करने का आदेश दिया है जहां भी मजदूर फंसे पड़े हैं।

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जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अपने आदेश में कहा है, 'प्रवासी मजदूर, चाहे वे देश के किसी भी हिस्से में ही क्यों न फंसे हो, को आत्म निर्भर योजना या केंद्र व राज्यों की किसी अन्य योजना के तहत ड्राई राशन मुहैया कराया जाए।' इसके लिए मजदूरों के लिए राशन कार्ड दिखाना अनिवार्य नहीं होगा।
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साथ ही पीठ ने यह भी कहा है की फंसे पड़े मजदूरों व उनके परिवार वालों को दो वक्त का भोजन मुहैया कराना राज्य सरकार व केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे उन स्थानों पर कम्युनिटी किचन की शुरुआत करें जहां मजदूर फंसे पड़े हैं। पीठ ने ये भी कहा कि लॉकडाउन की वजह से की  उनका रोजगार छिन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कम्युनिटी किचन सहित अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा है जिससे कि लोग इन योजनाओं का फायदा ले सके।
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साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हमारा मानना है कि असंगठित कामगारों व प्रवासी मजदूरों तक राज्य व केंद्र की योजनाओं का फायदा पहुंचाने के लिए मजदूरों का पंजीकरण जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि असंगठित कामगारों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए और पूरे देश में विभिन्न राज्यों में रह रहे सभी संगठित श्रमिकों के लिए कॉमन नेशनल डेटाबेस होना चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों को संगठित कामगारों के जल्द से जल्द पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा है जिससे कि असंगठित कामगारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। 

वहीं जरूरतमंद लोगों को नगद हस्तांतरण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह नीतिगत मामला है।

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