अमिताभ की कमाई का हो फिर आंकलन: सुप्रीम कोर्ट
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अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा वर्ष 2001-02 के दौरान की गई कमाई का पुन: आंकलन होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को बच्चन द्वारा उस दौरान की गई कमाई का पुन: आंकलन करने की इजाजत दे दी है। यह अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति से की गई कमाई का मसला है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ ने आयकर विभाग की याचिका को स्वीकार करते हुए बांबे हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार कर दिया है। आयकर विभाग का आरोप है कि असेस्मेंट ईयर 2002-03 के लिए अमिताभ बच्चन ने 1.66 करोड़ रुपये कम टैक्स चुकाया था। अमिताभ पर आरोप है कि उन्होंने 'कौन बनेगा करोड़पति' से आय को कम कर बताया था।
साथ ही आयकर विभाग को इस बात पर भी आपत्ति है कि कौन बनेगा करोड़पति से कमाई का कुछ ही हिस्सा अमिताभ ने अपनी आय के तौर पर दिखाया था। बड़ा हिस्सा एबीसीएल के खाते में दिखाया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2001 के कौन बनेगा करोड़पति शो से जुड़ा है। आयकर विभाग के मुताबिक शो से कमाई के मामले में अमिताभ पर 1.66 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। अमिताभ ने 13 अक्टूबर 2002 को 2002-03 के लिए दाखिल रिटर्न में अपनी कमाई 14.99 करोड़ रुपये बताई थी।
31 मार्च 2003 को संशोधित आईटी रिटर्न में उन्होंने अपनी कमाई 8.11 करोड़ रुपये बताई। हालांकि आंकलन पूरा होने से पहले ही अमिताभ ने 13 मार्च 2004 को अपना संशोधित रिटर्न वापस ले लिया। 29 मार्च 2005 को आयकर विभाग ने 2002-03 के लिए अमिताभ की आय 56.41 करोड़ रुपये तय की। विभाग ने अमिताभ को बकाया भुगतान के लिए नोटिस भेजा।
दोबारा आंकलन करने की वजह यह बताई गई कि अमिताभ के पास सात बैंक अकाउंट्स हैं, जबकि उन्होंने छह का ही ब्योरा दिया था। जुलाई 2012 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमिताभ को राहत देते हुए आयकर विभाग की अपील खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।