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तीस हजारी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट: ताली एक हाथ से नहीं बजती, वकीलों की हड़ताल कोई समाधान नहीं  

Fri, 08 Nov 2019 07:40 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Fri, 08 Nov 2019 07:40 PM IST
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Supreme court on tis hazari case: Nobody can clap with one hand Lawyers should end strike
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

पुलिस और वकीलों के बीच हुई भिड़ंत के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि गलतियों दोनों पक्षों की ओर से की गईं। साथ ही अदालत ने कहा कि तीस हजारी कोर्ट में हुए विवाद के बाद वकीलों का प्रदर्शन कोई समाधान नहीं है। 

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जजों की नियुक्ति पर ओडिशा हाई कोर्ट व निचली अदालतों के वकीलों की हड़ताल के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है। पीठ ने अटॉर्नी जनरल के.के.वेणुगोपाल, बार काउंसिल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और ओडिशा बार काउंसिल से सहयोग मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल से हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रयास करने को भी कहा है। 
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जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के.एम. जोसेफ की पीठ ने कहा, 'कभी-कभी हमारा चुप रहना भी काफी सही होता है। बेहतर है कि हम इस पर कुछ न ही कहें।' पीठ ने कहा कि गलती दोनों पक्षों ने की है। ताली एक हाथ से नहीं बजती और हमें इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं बोलना है। 
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शीर्ष कोर्ट की टिप्पणी से पहले भारतीय बार काउंसिल के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा था कि वकीलों पर पुलिस की बर्बरता के बाद तीस हजारी कोर्ट में स्थितियां बिगड़ी थी। मगर सर्वोच्च अदालत ने वकीलों की हड़ताल की आलोचना करते हुए कहा कि हाईकोर्ट और निचली अदालतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। अदालत ने तंज कसते हुए कहा कि वकीलों के काम पर नहीं आने के इससे भी अजीब कारण रहे हैं, मसलन तापमान का 45 डिग्री तक पहुंच जाना। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों की हड़ताल कोई समाधान नहीं है। इसके कई कानूनी समाधान भी उपलब्ध हैं। बार काउंसिल ने शीर्ष अदालत ने भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन में दिल्ली की अदालतों में माहौल सामान्य हो जाएगा। 

कोलेजियम की सिफारिशों में देरी पर चिंता : 

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर कोलेजियम की सिफारिशों को स्वीकार करने में हो रही देरी पर भी चिंता जाहिर की। पीठ ने कहा कि वकीलों की शिकायतों में देरी होना भी शामिल है। मामले की अगली सुनवाई छह दिसंबर को होगी। 

 

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