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नांदेड़ गुरुद्वारे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कहा - राज्य सरकार के पास फैसला लेने का अधिकार
Mon, 19 Oct 2020 01:28 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 19 Oct 2020 01:28 PM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
नांदेड़ गुरुद्वारे की ओर से दशहरा जुलूस निकालने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना के दौरान किसी जुलूस और उत्सव को कितनी सीमा तक इजाजत देनी है, इस पर राज्य सरकार फैसला करेगी लेकिन अगर गुरुद्वारे को फैसले पर आपत्ति है तो वो हाईकोर्ट का रुख अपना सकता है।
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वहीं कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कोरोना काल में किसी जुलूस को मंजूरी नहीं दी गई। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि नांदेड़ गुरद्वारा जुलूस के संबंध में एसडीएमए को जमीनी स्थिति के आधार पर निर्णय करना होगा। इसके अलावा कोर्ट ने नांदेड़ गुरद्वारा प्रबंधन से एसडीएमए के समक्ष कल तक प्रतिवेदन दाखिल करने के लिए कहा है।
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कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों को गुरुद्वारे समिति की याचिका सुनने को भी कहा है। इस मामले पर जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने सुनवाई की। बता दें कि नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब बोर्ड ने न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में बोर्ड ने तीन सदियों से चली आ रही परम्परा ‘दशहरा, दीपमाला और गुरता गद्दी’ का आयोजन कुछ शर्तों के साथ करने देने की अनुमति मांगी थी।
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याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक 50 फीसदी लोगों के साथ शोभा यात्रा निकालने की इजाजत दी गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस कार्यक्रम में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। इस पर गुरुद्वारे ने कहा कि हम यात्रा में समुदाय के आने की बात नहीं कर रहे हैं, बस एक ट्रक में ग्रंथ साहिब रखे जाएंगे और इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा।
इधर महाराष्ट्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए किसी भी प्रकार की भीड़ की इजाजत नहीं दी गई है। सरकार ने कहा कि राज्य को लोगों के स्वास्थ्य की चिंता है। सरकार ने कहा कि राज्य में गणपति सबसे बड़ा त्यौहार है, उसके लिए मंजूरी नहीं दी गई थी।