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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के बावजूद हो रही मौतें, जानें पूरा मामला

Thu, 21 Jul 2022 09:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 21 Jul 2022 09:42 PM IST
सार

पीठ ने यह भी कहा कि हमारे देश के लिए किसान और प्रवासी कामगार दोनों बहुत ही अहम हैं। प्रवासी राष्ट्र के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। केंद्र एक व्यवस्था बनाने की तैयारी करे, जिससे उन्हें भी खाद्यान्न मिल सके। खासकर उन्हें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हो।

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Supreme court On Migrant Labour Ration Card Said Citizens dying due to hunger despite our development Latest N
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में भूख की वजह से होने वाली मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम होने के बावजूद भी लोग भूख से मर रहे हैं। यह चिंता का सबब है। हमारा मकसद है कि देश में भूख से एक भी मौत न हो। शीर्ष कोर्ट ने राज्य सरकारों को सभी प्रवासी कामगारों को रियायती अनाज के लिए राशन कार्ड देने का निर्देश दिया।

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जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने राज्य सरकारों को ऐसी रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा। इसके जरिए यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि ज्यादा से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को राशन मिले। पीठ ने कहा कि प्रत्येक राज्य में खाद्य एवं सिविल सेवा विभाग का लक्ष्य होना चाहिए कि वह कितने राशन कार्ड पंजीकृत करेंगे। इसके लिए एक निश्चित मानदंड होना चाहिए। 
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पीठ सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, हर्ष मंदर और जगदीप छोकर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का संज्ञान लिया था। याचिका में देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संकट का सामना करने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए खाद्य सुरक्षा, नकद और अन्य कल्याणकारी उपायों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र व राज्यों को निर्देश देने की मांग की थी। पीठ ने कहा कि वह इस मामले में कुछ आदेश पारित करेगी और दो सप्ताह के बाद मामले की सुनवाई करेगी।
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पीठ ने यह भी कहा कि हमारे देश के लिए किसान और प्रवासी कामगार दोनों बहुत ही अहम हैं। प्रवासी राष्ट्र के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। केंद्र एक व्यवस्था बनाने की तैयारी करे, जिससे उन्हें भी खाद्यान्न मिल सके। खासकर उन्हें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हो।

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