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Supreme Court: NIC के पास प्रसारण के लिए तकनीक की कमी, RSS के पूर्व विचारक की याचिका पर रजिस्ट्री ने दिया जवाब
Mon, 28 Nov 2022 04:48 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 28 Nov 2022 04:48 AM IST
सार
उच्चतम न्यायालय के कंप्यूटर प्रकोष्ठ के रजिस्ट्रार एच एस जग्गी ने एक हलफनामे में कहा,प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार हो रहा है और प्रतिवादी संख्या-1 आत्मनिर्भर प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के पास वर्तमान में तीसरे पक्ष के सहयोग के बिना अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण (लाइव-स्ट्रीम) के लिए पर्याप्त तकनीक नहीं है। शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की याचिका के जवाब में यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत ने 17 अक्तूबर को गोविंदाचार्य की याचिका पर रजिस्ट्री को नोटिस जारी किया था, जिसमें अदालत की कार्यवाही के ‘सीधे प्रसारण’ पर कॉपीराइट की सुरक्षा को लेकर यू-ट्यूब के साथ एक विशेष व्यवस्था के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। इसी प्रकार की एक व्यवस्था 2018 के फैसले में की गई थी।
उच्चतम न्यायालय के कंप्यूटर प्रकोष्ठ के रजिस्ट्रार एच एस जग्गी ने एक हलफनामे में कहा,प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार हो रहा है और प्रतिवादी संख्या-1 (न्यायालय रजिस्ट्री) आत्मनिर्भर प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। यह माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया जा सकता है कि वर्तमान में न केवल रजिस्ट्री, बल्कि एनआईसी के पास भी पर्याप्त तकनीक और ऐसा बुनियादी ढांचा नहीं है, जिससे कि बिना किसी तीसरे पक्ष के अनुप्रयोग और समाधान के लाइव स्ट्रीमिंग की जा सके।
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उच्चतम न्यायालय के कंप्यूटर प्रकोष्ठ के रजिस्ट्रार एच एस जग्गी ने एक हलफनामे में कहा,प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार हो रहा है और प्रतिवादी संख्या-1 (न्यायालय रजिस्ट्री) आत्मनिर्भर प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। यह माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया जा सकता है कि वर्तमान में न केवल रजिस्ट्री, बल्कि एनआईसी के पास भी पर्याप्त तकनीक और ऐसा बुनियादी ढांचा नहीं है, जिससे कि बिना किसी तीसरे पक्ष के अनुप्रयोग और समाधान के लाइव स्ट्रीमिंग की जा सके।
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