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पुरकायस्थ मामला: 'मुकदमे के गुण-दोष पर टिप्पणी न करें, जमानत की शर्तें तय'; सुप्रीम आदेश के बाद निचली अदालत

Fri, 17 May 2024 06:04 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 17 May 2024 06:04 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को कानून की नजर में अवैध करार दिया था और उन्हें हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुरकायस्थ की रिहाई का आदेश जारी किया और शर्तें लगाई।

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Supreme court NewsClick Founder Prabir Purkayastha case Patiala House Court bail conditions
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद दिल्ली की एक अदालत ने समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक एवं प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को निर्देश दिया कि वे मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी और सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ आरोप है कि न्यूजक्लिक को चीन समर्थक दुष्प्रचार के लिए कथित तौर पर धन मिला था। 

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को कानून की नजर में अवैध करार दिया था और उन्हें हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुरकायस्थ की रिहाई का आदेश जारी किया और शर्तें लगाई। उन्होंने पुरकायस्थ को मामले में टिप्पणी नहीं करने एवं सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने को कहते हुए उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरने और इतनी ही राशि की दो जमानत राशि जमा कराने का निर्देश दिया। पुरकायस्थ इस मामले में गवाह अमित चक्रवर्ती से भी संपर्क नहीं कर सकेंगे। पुरकायस्थ को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल 3 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था।  

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समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उसे कथित तौर पर भारत की संप्रभुता को बाधित करने और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से धन मिला था। उसमें यह भी आरोप है कि पुरकायस्थ ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने के लिए ‘पीपल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म‘ (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रची थी। 

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