{"_id":"654b6b67a5a797eaf701fece","slug":"supreme-court-news-updates-kerala-govt-hc-ernakulam-bench-order-governor-assent-to-bills-2023-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: 'बिल से जुड़ी राज्यपाल की शक्ति' पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: 'बिल से जुड़ी राज्यपाल की शक्ति' पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार
Wed, 08 Nov 2023 04:35 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 08 Nov 2023 04:35 PM IST
सार
केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। विधेयकों के संबंध में राज्यपाल की शक्तियों से जुड़े इस मामले में केरल हाईकोर्ट की एर्नाकुलम पीठ याचिका खारिज कर चुकी है। अब इस मामले में केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है।
विज्ञापन
'बिल से जुड़ी राज्यपाल की शक्ति' पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल सरकार ने केरल उच्च न्यायालय की एर्नाकुलम पीठ के आदेश को चुनौती दी है। उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाली केरल सरकार विधेयकों को मंजूरी देने में जानबूझकर देरी के आरोप लगाए हैं। इससे पहले विधेयकों पर अनिश्चितकाल तक सहमति लंबित रखने के मामले में एक वकील की याचिका हाईकोर्ट की एर्नाकुलम पीठ ने खारिज कर दी थी। राज्यपाल की शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज होने के बाद अब मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की है।
राज्यपाल की कथित निष्क्रियता के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट याचिका के बारे में एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत गवर्नर की सहमति में देरी को लेकर सरकार ने सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के बाद, आरिफ मोहम्मद खान बिलों को मंजूरी देने में देरी का आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत में इसी तरह की याचिका का सामना करने वाले तीसरे राज्यपाल होंगे। केरल सरकार की याचिका के अनुसार, तीन विधेयक दो साल से अधिक समय से राज्यपाल के समक्ष लंबित हैं।
विज्ञापन
लंबित विधेयकों की सूची
याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल के आचरण से केरल के लोगों के कल्याण के अधिकारों के अलावा, कानून के शासन और लोकतांत्रिक सुशासन सहित हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों और बुनियादी नींव पर खतरा पैदा हो गया है। सरकार का दावा है कि राज्यपाल ने जो विधेयक लंबित रखे हैं, इनके माध्यम से जनहित के कई उपायों को लागू किया जाना है।
विज्ञापन
राज्यपाल की कथित निष्क्रियता के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट याचिका के बारे में एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत गवर्नर की सहमति में देरी को लेकर सरकार ने सवाल खड़े किए हैं।
विज्ञापन
बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के बाद, आरिफ मोहम्मद खान बिलों को मंजूरी देने में देरी का आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत में इसी तरह की याचिका का सामना करने वाले तीसरे राज्यपाल होंगे। केरल सरकार की याचिका के अनुसार, तीन विधेयक दो साल से अधिक समय से राज्यपाल के समक्ष लंबित हैं।
विज्ञापन
लंबित विधेयकों की सूची
- श्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक (पहला संशोधन) 2021 विधेयक संख्या 50
- विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक (पहला संशोधन) 2021 विधेयक संख्या 54
- विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक (दूसरा संशोधन) 2021
- केरल सहकारी सोसायटी संशोधन विधेयक 2022
- विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक 2022
- केरल लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2022
- विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक 2022
- सार्वजनिक स्वास्थ्य विधेयक 2021
याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल के आचरण से केरल के लोगों के कल्याण के अधिकारों के अलावा, कानून के शासन और लोकतांत्रिक सुशासन सहित हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों और बुनियादी नींव पर खतरा पैदा हो गया है। सरकार का दावा है कि राज्यपाल ने जो विधेयक लंबित रखे हैं, इनके माध्यम से जनहित के कई उपायों को लागू किया जाना है।