{"_id":"6375e002b8d02d1a1e212f30","slug":"supreme-court-news-update-elgar-parishad-case-gautam-navlakha-house-arrest-latest","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: गौतम नवलखा की याचिका पर कल सुनवाई, पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की अहम खबरें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: गौतम नवलखा की याचिका पर कल सुनवाई, पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की अहम खबरें
Thu, 17 Nov 2022 12:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 17 Nov 2022 12:47 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गौतम नवलखा की अर्जी के साथ शुक्रवार को एनआईए की याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट गौतम नवलखा की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। नवलखा कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक जेल से घर में नजरबंदी के लिए नहीं भेजा गया है। कोर्ट ने कहा कि एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गौतम नवलखा की अर्जी के साथ शुक्रवार को एनआईए की याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने नवलखा की ओर से पेश एक वरिष्ठ वकील की दलीलों पर ध्यान दिया कि शीर्ष अदालत के उन्हें नजरबंद रखने के निर्देश का अब तक पालन नहीं किया गया है। एनआईए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आरोपी ने अपने घर का पता देने के बजाय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय का पता दिया है। इसके अलावा एक अलग याचिका भी दायर की जाएगी।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी और आरोपी दोनों की याचिकाओं को न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एक साथ सूचीबद्ध किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने 10 नवंबर को 70 वर्षीय नवलखा को उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण नजरबंद करने की अनुमति दी थी।
विज्ञापन
हर पीठ रोज जमानत और स्थानांतरण के 10-10 मामले सुनेंगी
सुप्रीम कोर्ट की सभी 13 पीठ प्रतिदिन वैवाहिक विवादों से संबंधित 10 स्थानांतरण याचिकाओं और 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेंगी। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होने पर कहा कि शीर्ष अदालत के सभी न्यायाधीशों ने लंबित मामलों कम करने के लिए सर्वसम्मति से यह फैसला किया है। सीजेआई ने कहा कि जमानत याचिकाओं को सुनवाई में प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि यह व्यक्ति की स्वतंत्रा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस समय शीर्ष अदालत में वैवाहिक विवादों से जुड़े स्थानांतरण संबंधी तीन हजार याचिकाएं लंबित हैं।
सिविल जजों की नियुक्ति.. एमपी सरकार को ‘सुप्रीम’ नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जजों की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली एक याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ चयन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में साक्षात्कार के लिए आवंटित न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
कॉलेजियम ने की तीन हाईकोर्ट जजों के स्थानांतरण की सिफारिश
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के तीन जजों के स्थानांतरण की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने यह फैसला प्रशासनिक कारणों के चलते लिया है। सूत्रों के मुताबिक कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस टी राजा को राजस्थान हाईकोर्ट, गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस निखिल एस कैरेल और तेलंगाना हाईकोर्ट के जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी को पटना हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश की है। 31 मार्च 2009 को मद्रास हाईकोर्ट में बतौर एडिशनल जज नियुक्त किए।