SC Updates: क्या इस्लाम न मानने पर शरीयत लागू? कोर्ट करेगा परीक्षण; उत्तराखंड दावानल पर तत्काल सुनवाई की अपील
दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बीरभूम से लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए गए देबाशीष धर ने अपना पर्चा खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। देबाशीष की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने की बात कही है।
इस्लाम न मानने वाले पर शरीयत लागू हो या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा परीक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि जो व्यक्ति मुस्लिम पैदा हुआ था लेकिन आस्तिक नहीं है, वह शरीयत कानून से शासित नहीं होगा। याचिका केरल की सफिया पीएम नाम की एक महिला ने दायर की है। महिला का कहना है कि वह आस्तिक नहीं है और इसलिए विरासत के संबंध में मुस्लिम पर्सनल लॉ की बजाय भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 से शासित होना चाहिए।
महिला की अर्जी पर केंद्र और केरल सरकार को जारी किया नोटिस
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने विस्तृत चर्चा के बाद इसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए याचिका पर केंद्र और केरल राज्य को नोटिस जारी करने का फैसला किया। पीठ ने अटॉर्नी जनरल से एक कानून अधिकारी को नामित करने का अनुरोध किया जो न्यायालय की सहायता कर सके। अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। सुनवाई की शुरुआत में पीठ ने याचिकाकर्ता के प्रस्ताव पर आपत्ति व्यक्त की कि एक गैर-आस्तिक व्यक्ति शरीयत अधिनियम से शासित नहीं होगा।
सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर सुनवाई छह मई तक स्थगित
उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन मामले में पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर सुनवाई सोमवार को छह मई तक के लिए स्थगित कर दी।निदेशालय की ओर से पेश एक वकील ने इस आधार पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने झारखंड कैडर की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की धन शोधन के एक मामले में जमानत याचिका सोमवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह एक ‘‘असाधारण मामला’’ है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की निलंबित अधिकारी को जमानत देने से इनकार करने के झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष के 17 गवाहों में से प्रवर्तन निदेशालय ने 12 से जिरह की है और उम्मीद है कि इस मामले में सुनवाई जल्द ही पूरी की जाएगी।
वीपीपैट पर्चियों के मिलान से जुड़ी याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल कर डाले गए मतों के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने का मुद्दा उठाने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि शीर्ष अदालत की एक समन्वय पीठ ने पिछले सप्ताह इस मुद्दे पर फैसला दिया था। पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ''एक समन्वय पीठ पहले ही अपना विचार व्यक्त कर चुकी है।"