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CJI: 'लोगों की अदालत की भूमिका को बचाकर रखे सुप्रीम कोर्ट, लेकिन विपक्ष का काम न करे', सीजेआई का अहम बयान

Sat, 19 Oct 2024 03:11 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 19 Oct 2024 03:11 PM IST
सार

सीजेआई ने कहा कि 'मुझे लगता है, विशेष रूप से आज के समय में, हर किसी के बीच यह बड़ा विभाजन है, जिसमें परिणामों के आधार पर आपको परखा जाता है, जब आप लोगों के पक्ष में निर्णय लेते हैं तो सर्वोच्च न्यायालय को अद्भुत संस्था बताया जाता है, और जब आप उनके खिलाफ निर्णय लेते हैं तो संस्था को अपमानित किया जाता है।'

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Supreme court need to must preserved people court role but not act as opposition says cji dy chandrachud
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ - फोटो : ANI

विस्तार

देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट को लोगों की अदालत की अपनी भूमिका को भविष्य के लिए संरक्षित रखना चाहिए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इसे संसद में विपक्ष की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि कानूनी सिद्धांत की असंगतता या त्रुटि के लिए न्यायालय की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन परिणामों के नजरिए से इसकी भूमिका या इसके काम को नहीं देखा जाना चाहिए।
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'जनता की अदालत की भूमिका को भविष्य के लिए बचाने की जरूरत'
दक्षिण गोवा में पहले सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने ये बात कही। उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के न्याय तक पहुंच पिछले 75 वर्षों में काफी विकसित हुई है और ये कुछ ऐसा है जिसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि जब समाज समृद्ध और संपन्न होता है, तो ऐसी धारणा होती है कि आपको केवल बड़ी-बड़ी चीजों पर ध्यान देना चाहिए। हमारा न्यायालय ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा न्यायालय जनता का न्यायालय है और मुझे लगता है कि जनता के न्यायालय के रूप में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
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'सुप्रीम कोर्ट को नतीजों के आधार पर परखना गलत'
सीजेआई ने कहा कि 'मुझे लगता है, विशेष रूप से आज के समय में, हर किसी के बीच यह बड़ा विभाजन है, जिसमें परिणामों के आधार पर आपको परखा जाता है, जब आप लोगों के पक्ष में निर्णय लेते हैं तो सर्वोच्च न्यायालय को अद्भुत संस्था बताया जाता है, और जब आप उनके खिलाफ निर्णय लेते हैं तो संस्था को अपमानित किया जाता है।' सीजेआई के अनुसार, 'मुझे लगता है कि यह एक खतरनाक बात है। न्यायाधीशों को मामलों के आधार पर स्वतंत्रता की भावना के साथ निर्णय लेने का अधिकार है।'
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