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सुप्रीम कोर्ट ने यमुना प्रदूषण मामले में जल शक्ति मंत्रालय को पार्टी बनाया
Wed, 10 Feb 2021 07:22 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 10 Feb 2021 07:22 AM IST
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supreme court
- फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यमुना प्रदूषण मामले की सुनवाई के दौरान जल शक्ति मंत्रालय को भी पार्टी बनाया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा, प्रदूषण मुक्त जल एक मौलिक अधिकार है और यह सरकार कि जिम्मेदारी है कि इसे सुनिश्चित करे। कोर्ट ने जल शक्ति मंत्रालय को इस संदर्भ में नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
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सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड, फरीदाबाद नगरपालिका, प्रयागराज नगर निगम, आगरा नगर निगम और अलिगढ़ नगर निगम के साथ साथ मंत्रालय को भी इस मामले में जवाबदेह माना है।
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नदियों के प्रदूषण पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने केंद्र, सीबीसीबी और दिल्ली हरियाणा समेत पांच राज्यों को भी नोटिस जारी किया है। पीठ ने रजिस्ट्री को प्रदूषित नदियों के बचाव पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
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पीठ ने कहा कि वह सबसे पहले यमुना के प्रदूषण का मुद्दा उठा रही है। पीठ ने सीपीसीबी को यमुना के किनारे वाली उन सभी नगरपालिकाओं को चिह्नित कर रिपोर्ट पेश करने को कहेगी जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए गए हैं।