फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court judges lament comments about working little say they burn midnight oil even during vacations

SC: कम काम करने की टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट ने जताया अफसोस, कहा- छुट्टियों में भी आधी रात तक काम करते हैं

Thu, 23 May 2024 12:26 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 23 May 2024 12:26 AM IST
सार

जस्टिस दत्ता ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि बतौर जज काफी कोशिश करने के बावजूद हमें सुनने को मिलता है कि जज कुछ ही घंटे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को अपना होमवर्क भी करना होता है। 

विज्ञापन
supreme court judges lament comments about working little say they burn midnight oil even during vacations
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस बात पर अफसोस जताया कि न्यायाधीशों द्वारा किए जाने वाले प्रयासों के बावजूद उन पर कम काम करने के आरोप लगाए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट पीठ ने कहा कि जज छुट्टियों के दौरान भी आधी रात को काम करते हैं।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र की अवकाश पीठ ने झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बात कही। दरअसल वरिष्ठ वकील और हेमंत सोरेन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट की पीठ ने हेमंत सोरेन की याचिका पर फैसला सुनाने में दो महीने का समय लिया। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि बतौर जज काफी कोशिश करने के बावजूद हमें सुनने को मिलता है कि जज कुछ ही घंटे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को अपना होमवर्क भी करना होता है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


कपिल सिब्बल ने उच्च न्यायालयों पर उठाए सवाल
कपिल सिब्बल ने कहा फैसले में देरी का असर नागरिकों पर पड़ता है। यह स्वतंत्रता का मामला है और ये बेहद गलत है कि ये सब हाईकोर्ट के जज हैं। सिब्बल ने कहा कि 'ये उच्च न्यायालयों में हर रोज हो रहा है। कोई भी हमारे मामले पर सुनवाई नहीं कर रहा है और न ही फैसले हो रहे हैं। लोग अपनी आजादी के भीख मांग रहे हैं। आप कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन यही सच्चाई है।' कपिल सिब्बल की टिप्पणी पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि 'छुट्टियों के दौरान भी जज आधी रात तक काम करते हैं, जो भी ये बातें फैला रहे हैं, वे प्रशासन का हिस्सा हैं।' उन्होंने कहा कि 'केंद्र और राज्य सरकार की एक अपील की तय समय सीमा 60 या 90 दिन है। अधिकारी समय पर नहीं आते और वे कहते हैं कि हम काम कम करते हैं।'
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed