फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Issues notice to Election Commission on SIR petitions orders High Court to postpone hearing

चुनाव आयोग से 'सुप्रीम' जवाब तलब: तमिलनाडु, बंगाल-पुद्दुचेरी ने एसआईआर को दी चुनौती; 26 नवंबर को होगी सुनवाई

Wed, 12 Nov 2025 08:36 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 12 Nov 2025 08:36 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली छह याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से उनकी आशंकाओं का कारण पूछा और हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को स्थगित करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
Supreme Court Issues notice to Election Commission on SIR petitions orders High Court to postpone hearing
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती वाली छह याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। तमिलनाडु में एसआईआर को सत्तारूढ़ डीएमके पार्टी, सीपीआई (एम) और कांग्रेस पार्टी ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है जबकि पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया पर कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई ने चुनौती दी है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सभी याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया।

विज्ञापन


लेकिन साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ताओं से यह भी पूछा कि वे इस प्रक्रिया को लेकर इतने आशंकित क्यों हैं। पीठ ने हाईकोर्ट को इन राज्यों और बिहार की मतदाता सूचियों के संबंध में दायर याचिकाओं को स्थगित रखने का भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब 26 नवंबर को सुनवाई करेगा। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से यह भी कहा कि यदि पीठ संतुष्ट होती है तो वह इस प्रक्रिया को रद्द कर देगी।
विज्ञापन


आप ऐसे बर्ताव कर रहे जैसे ऐसा पहली बार हो रहा- जस्टिस कांत
जस्टिस कांत ने कहा, भारत जैसे बड़े देश में कुछ राज्यों को हमेशा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। सिब्बल ने कहा कि दक्षिणी राज्य के कुछ इलाकों में कनेक्टिविटी बहुत खराब है और दस्तावेज़ अपलोड करने में दिक्कतें आएंगी। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में भी ग्रामीण कनेक्टिविटी बहुत खराब है और तमिलनाडु के मामले में तो यह और भी बदतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जस्टिस कांत ने कहा कि आप लोग ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे मतदाता सूची में संशोधन पहली बार हो रहा हो! हम भी जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं। जस्टिस कांत ने चुनाव आयोग पर भरोसा करने का सुझाव देते हुए कहा कि एक सांविधानिक संस्था ऐसा कर रही है। कोई भी प्रक्रियागत कमियां हो सकती है, वे सुधार करेंगे।

जल्दबाजी में किया जा रहा एसआईआर- सिब्बल
डीएमके की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की जा रही है, जबकि पहले मतदाता सूची में संशोधन में तीन साल लगते थे। अब चुनाव आयोग कह रहा है कि एक महीना लगेगा। लाखों लोग इससे बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नवंबर-दिसंबर तमिलनाडु में भारी बारिश का समय होता है और अधिकतर अधिकारी बाढ़ राहत कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं।

दिसंबर में क्रिसमस की छुट्टियां होंगी, जिसके दौरान लोगों के अपने मूल स्थानों पर मौजूद रहने की संभावना कम है। जनवरी फसल-पोंगल का मौसम है। सिब्बल ने कहा कि यह अवधि तमिलनाडु राज्य में एसआईआर आयोजित करने के लिए सबसे अनुपयुक्त है।


कौन अधिक पिछड़ा...राज्य यह दिखाने की होड़ में हैं
चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह ऐसा मामला है जहां राज्य यह दिखाने की होड़ में लगे हैं कि कौन अधिक पिछड़ा है। द्विवेदी ने न्यायालय से यह भी आग्रह किया कि परस्पर विरोधी आदेश पारित होने की आशंका से बचने के लिए हाईकोर्ट को समान मामलों से निपटने से रोका जाए। जिसके बाद पीठ ने ऐसा आदेश पारित करने पर सहमति जताई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed