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तीन तलाक के बाद हलाला और बहु विवाह के खिलाफ जंग, SC ने केंद्र को जारी किया नोटिस

Tue, 27 Mar 2018 04:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Mar 2018 04:37 AM IST
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Supreme Court issues notice to Center on Halaala and polygamy matter

मुस्लिम बहुविवाह और हलाला के खिलाफ दायर 4 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और लॉ कमीशन को नोटिस जारी किया है। SC ने यह केस संवैधानिक बेंच के पास ट्रांसफर कर दिया है। 

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ये याचिकाएं भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय, दिल्ली की नफीसा खान और समीना बेगम ने दायर की हैं। दायर याचिकाओं में इन प्रक्रियाओं को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की गई है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इससे पहले तीन-तलाक को गैर-कानूनी घोषित कर चुका है। 
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दायर याचिका में नफीसा ने मांग की है कि IPC की धाराएं सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। अदालत को तीन तलाक और हलाला को खारिज कर देना चाहिए। वहीं समीना ने याचिका में बताया कि उनकी दो बार शादी हुई और दो बार तलाक हुआ। इसलिए पर्सनल लॉ को संवैधानिक वैधता पर खरा उतरना चाहिए।
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तीन तलाक के बाद हलाला और बहु विवाह के खिलाफ जंग

Supreme Court issues notice to Center on Halaala and polygamy matter
मुस्लिम महिलाओं का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
तीन तलाक कानूनी रूप से अवैघ घोषित होने के बाद मुस्लिम महिलाओं ने हलाला और बहु विवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति के लिए जंग शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कि क्या है हलाला और इस्लाम में बहु विवाद प्रथा? कौन हैं इस कानूनी जंग के याचिकाकर्ता और क्या है उनकी मांग?

क्या है हलाला
जब कोई मुस्लिम महिला अपने पति से तलाक के बाद फिर उसी से शादी करना चाहती है, तो उसे निकाह हलाला नाम की रस्म से गुजरना पड़ता है। इसमें उसे किसी दूसरे व्यक्ति से शादी करनी पड़ती है और फिर उससे तलाक लेना पड़ता है। इसके बाद ही वह अपने पहले पति से निकाह कर सकती है। पर याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौलवियों ने इसे धंधा बना दिया है। वह इस रस्म के नाम पर 50 हजार से दो लाख रुपये तक वसूलते हैं और फिर एक साल के लिए शौहर बनकर उनका शारीरिक शोषण भी करते हैं। 

क्या है बहुविवाह
इस्लाम प्रथा एक आदमी को चार शादियों की इजाजत देता है। ताकि अगर कोई विधवा या बेसहारा औरत है तो उसे सहारा मिल जाए।

पांच याचिकाकर्ता
भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और सायरा बानो : तीन तलाक केस की याचिकाकर्ता सायरा बानो ने पांच मार्च, 2018 को याचिका दायर की है। इसके अलावा अश्विनी भी याचिकाकर्ता हैं। 

समीना बेगम : दिल्ली के जसोला विहार में रहने वाली समीना बेगम को उनके पति ने दो बच्चे होने के बाद खत के लिए जरिये तलाक दे दिया। उन्होंने दूसरी शादी की लेकिन दूसरे पति ने भी तलाक दे दिया। 

नफीसा खान : दिल्ली की महरौली की नफीसा खान के पति ने उनसे तलाक लिए बिना 26 जनवरी, 2018 को दूसरी शादी कर ली। नफीसा की शादी 5 जून, 2008 को हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। 

कौलिम मोहिसिन बिन हुसैन : हैदराबाद की कौलिम मोहिसिन बिन हुसैन ने मुस्लिमों में प्रचलित मुता (कांट्रेक्ट मैरिज) और मिस्यार निकाह को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की है। 

मुस्लिम पर्सनल लॉ की धारा-2 रद करने की गुहार
याचिकाकर्ताओं के मुताबिक मुस्लिम पर्सनल लॉ एप्लिकेशन एक्ट 1937 की धारा-2 हलाला और बहुविवाह को मान्यता देता है। लिहाजा इसे गैरकानूनी घोषित किया जाए। यह संविधान के तीन अनुच्छेद, 14 (समानता का अधिकार), 15 (लिंग आदि के आधार पर भेदभाव से रक्षा) और 21 (जीवन के अधिकारी) का उल्लंघन है। निकाह हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। 
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