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Supreme Court: दुर्लभ बीमारियों के लिए केंद्र की सहायता पर 50 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, करेगा सुनवाई

Tue, 08 Apr 2025 10:43 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 08 Apr 2025 10:43 PM IST
सार

सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि बीमारियों के इलाज के लिए 50 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता की सीमा को लेकर दायर याचिकाओं पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ 13 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई करेगी।

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Supreme Court is strict on the limit of Rs 50 lakh on central assistance for rare diseases, will hear
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए केंद्र की सहायता पर 50 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती जताई है। सुप्रीम कोर्ट स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी (एसएमए) जैसी दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए केंद्र की सहायता पर सीमा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने को तैयार हो गया। 
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सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि बीमारियों के इलाज के लिए 50 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता की सीमा को लेकर दायर याचिकाओं पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ 13 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई करेगी। पीठ ने कहा कि एसएमए की दवा रिस्डिप्लाम बनाने वाली फार्मा कंपनी मेसर्स एफ हॉफमैन-ला रोश लिमिटेड ने एसएमए पीड़ित केरल निवासी 24 वर्षीय सेबा पीए को एक साल के लिए अपनी दवा मुफ्त में देने पर सहमति जताई है। इस दवा की एक बोतल 6.2 लाख रुपये की है। 
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इससे पहले उन्होंने केरल उच्च न्यायालय का रुख किया था, हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि वह सेवा को 50 लाख रुपये की सीमा के अलावा 18 लाख रुपये की अतिरिक्त दवाइयां उपलब्ध कराए। शीर्ष अदालत ने 24 फरवरी को केंद्र की अपील पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

इसमें कहा गया था कि उसे 50 लाख रुपये की सीमा का उल्लंघन करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है और उसने पक्षों को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके बाद इस दलील पर गौर किया कि एसएमए रोगी के इलाज की लागत 26 करोड़ रुपये तक हो सकती है और रिस्डिप्लाम पाकिस्तान और चीन में काफी सस्ती दरों पर बेची जा रही है।

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