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मृत्युदंड की गाइड लाइन बनेगी : सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, मांगा अटॉर्नी जनरल से सहयोग

Sat, 23 Apr 2022 12:00 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 23 Apr 2022 12:00 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया। यह तय किया जाएगा कि किसी दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाते वक्त देशभर की अदालतों को किस प्रक्रिया व मार्गदर्शक सिद्धांतों का ध्यान में रखना चाहिए।

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Supreme Court initiates suo motu case to frame guidelines on sentencing in death penalty matters
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

 सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाने के लिए एक गाइड लाइन बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस बारे में शीर्ष कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का सहयोग मांगा है। 
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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया। इसके माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किसी दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाते वक्त देशभर की अदालतों को किस प्रक्रिया व मार्गदर्शक सिद्धांतों का ध्यान रखना चाहिए। जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने संकेत दिया कि वह इस बारे में एक गाइड लाइन बना सकती है। फांसी सजा सुनाने की अहम गाइड लाइन बनाने में सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की भी मदद मांगी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सहायता प्राधिकरण (NALSA) से भी जवाब मांगा है। 

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इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 मई को तय कर दी। दरअसल, शीर्ष कोर्ट मध्य प्रदेश की एक कोर्ट द्वारा एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी इरफान उर्फ भय्यू मेवाती को मौत की सजा दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है। आरोपी को मृत्युदंड देने की मप्र हाईकोर्ट ने भी पुष्टि कर दी है। 
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आरोपी के वकील इरशाद हनीफ ने हाल में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है कि जेल में बंद भय्यू मेवाती से मिलने की इजाजत दी जाए। हनीफ ने बताया कि मध्य प्रदेश की जेलों में इस पर पाबंदी के कारण उन्होंने अर्जी दाखिल की है। मप्र की जेलों में  मौत की सजा पाने वाले कैदियों के साथ साक्षात्कार को सीमित किया गया है। स्वतंत्र जांचकर्ता को मुलाकात नहीं करने दी जा रही है। दोषी के वकीलों ने उज्जैन जेल प्रशासन को इस बारे में आवेदन दिया है। 

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