फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court hearing plea of freelance journalist, said on what basis was he arrested

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- किस आधार पर गिरफ्तार हुए थे प्रशांत, तुरंत रिहा करे यूपी पुलिस

Tue, 11 Jun 2019 04:31 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 11 Jun 2019 04:31 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court hearing plea of freelance journalist, said on what basis was he arrested
पत्रकार प्रशांत कनौजिया - फोटो : ANI

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की याचिका पर सुनवाई करने के बाद उनकी रिहाई का आदेश दिया है। उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और वीडियो शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन


विज्ञापन



सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रशांत को शायद उस ट्वीट को प्रकाशित या लिखना नहीं चाहिए था लेकिन उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस से कहा है कि वह पत्रकार को तुरंत रिहा करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि कनौजिया को जमानत देने का यह मतलब नहीं है कि सोशल मीडिया पर लगाया गया उनका पोस्ट सही है। लेकिन नागरिकों की स्वतंत्रता सर्वोपरि है और संविधान इसकी गारंटी सुनिश्चित करता है। इस अधिकार के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती है।

कनौजिया को लखनऊ पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

सोमवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने उच्चतम न्यायालय में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की थी। मुख्यमंत्री के खिलाफ ट्विटर पर टिप्पणी करने के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने पत्रकार प्रशांत पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश जारी किया था।

पत्नी का दावाः सादे कपड़ों में आए लोगों ने किया गिरफ्तार

जिस समय पत्रकार की गिरफ्तारी हुई उस वक्त उनकी पत्नी जगीशा अरोड़ा उनके साथ थी। उन्होंने बताया कि प्रशांत को गिरफ्तार करने के लिए आए लोगों ने सादे कपड़े पहन रखे थे। उन्होंने खुद को लखनऊ के हजरतगंज थाने का पुलिस का अधिकारी बताया और गिरफ्तार करके सड़क मार्ग से लखनऊ ले गए। पत्नी का आरोप है कि उन्हें गिरफ्तारी वारंट तक नहीं दिखाया गया था।

‘हिंदी’ और सीएम योगी को अपना प्रेमी बताती युवती मामले में टिप्पणी पर फंसे प्रशांत

‘इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी’, यह टिप्पणी प्रशांत जगदीश कनौजिया ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से छह जून को पोस्ट की थी। उन्होंने इसके साथ एक युवती का वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर खड़ी होकर खुद को उनकी प्रेमिका बता रही थी। साथ ही उनके लिए लव लेटर लेकर पहुंची थी। इस वीडियो को प्रशांत के प्रोफाइल से करीब 95 हजार दफा देखा गया तो वहीं इसे करीब चार हजार लाइक और 15 सौ से अधिक रीट्वीट्स भी मिले थे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed