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सुप्रीम कोर्ट ने महिला वकील के खिलाफ शुरू किया अवमानना केस
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:13 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला वकील के खिलाफ अदालत का अपमान करने के मामले में अवमानना का मामला शुरू किया। इससे पहले अदालत में महिला वकील को चेतावनी दी। इसके बावजूद महिला के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि चेतावनी के बावजूद महिला वकील अदालत के अपने खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देती रही। यह बहस उस समय हुई जब जस्टिस आदर्श गोयल, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ सेवा मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कुछ कारणों का हवाला देते हुए प्रतिवादी की तरफ से पैरवी करने वाली महिला वकील निशा प्रिया भाटिया से कहा कि मामले की सुनवाई आज नहीं हो सकती।
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इस पर महिला वकील भड़क गई और ऊंची आवाज में अदालत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। जस्टिस नरीमन ने भाटिया से कहा कि वे अपनी सीमा लांघ रही है। इस पर महिला वकील ने अदालत को खुद के खिलाफ कार्रवाई कर लेने की धमकी थी। अदालत ने नोटिस जारी कर अपने व्यवहार के लिए महिला वकील को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही पीठ ने खुद को इस मामले के साथ ही अवमानना याचिका की सुनवाई से अलग कर लिया।
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पीठ ने कहा कि इस मामले को सीजेआई के निर्देशानुसार अन्य पीठ को दिया जाए। अदालत ने इस मामले में पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी और सॉलिसिटर रंजीत कुमार को न्यायमित्र नियुक्त किया था। अदालत ने कहा कि इन लोगों को अन्य पीठ को बताना चाहिए कि इस अदालत में क्या हुआ।