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असम में एनआरसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के खिलाफ जाहिर की नाराजगी
Tue, 05 Feb 2019 04:15 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 05 Feb 2019 04:15 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने असम में एनआरसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की प्रक्रिया को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने में सहयोग नहीं कर रहा है। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि एनआरसी के लिये निर्धारित 31 जुलाई की समय-सीमा आगे नहीं बढ़ायी जाएगी।
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असम की भाजपा सरकार की बड़ी चूक, विधानसभा में पेश किए अलग-अलग आंकड़े
असम की भाजपा सरकार को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने अवैध विदेशियों की संख्या के दो अलग-अलग आंकड़े पेश कर दिए। प्रश्नकाल के बाद भाजपा विधायक नुमाल मोमिन ने इस मुद्दे की तरफ ध्यान दिलाया और स्पीकर से अनुरोध किया कि वह ‘लापरवाह अधिकारियों’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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एक सवाल का जवाब देते हुए असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक कुल 1,03,764 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है। सत्ताधारी पार्टी के विधायक बिनंदा कुमार सैकिया ने यह प्रश्न पूछा था और प्रश्न काल के दौरान इसका जवाब दिया गया।
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मोमिन द्वारा पूछे गए एक अलग सवाल के जवाब में पटवारी ने कुछ और ही आंकड़ा बताते हुए कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक 94,425 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया। दोनों मामलों में पटवारी मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तरफ से जवाब दे रहे थे, क्योंकि गृह एवं असम समझौता क्रियान्वयन विभाग का प्रभार सोनोवाल के पास ही है। सरकार के इस चूक पर स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने सदन को आश्वस्त किया कि वह मामले को देखेंगे।